जशपुरनगर 06 अक्टूबर 2025/ शताब्दी वर्ष के निमित्त पहला कार्यक्रम विजयादशमी पथ संचलन में जशपुर जिला के जशपुर ग्रामीण क्षेत्र के आरा मंडल में 5 अक्टूबर, रविवार को पथ संचलन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन धूमधाम और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन समाज में राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक समरसता और सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा गया।
संचलन में 197 स्वयंसेवक उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त गाँव के मातृ शक्ति सदस्यों ने पुष्प वर्षा के साथ संचलन का भव्य स्वागत किया, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और अनुशासन का अद्भुत संगम दिखाई दिया। इस स्वागत ने स्वयंसेवकों के उत्साह को और बढ़ा दिया और उपस्थित जनमानस को भी कार्यक्रम के महत्व और भावुकता का अनुभव कराया।
संचलन के दौरान भारी वर्षा होने के बावजूद स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाकर पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ पथ संचलन जारी रखा, जिससे उनके समर्पण, दृढ़ संकल्प और संघ के प्रति प्रतिबद्धता की मिसाल सामने आई। यह दृढ़ता और एकजुटता उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायक रही और पूरे कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता कान्ति प्रधान जी ने संघ के पंच परिवर्तन (पांच प्रमुख परिवर्तन) के साथ-साथ विजयादशमी का महत्व और संघ के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राष्ट्र और समाज के उत्थान में योगदान दिया है और आज भी सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना को फैलाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिमोहन राम ने की, और मंच पर खंड कार्यवाहा लक्ष्मण राम भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य शिक्षक के रूप में गिरीशंकर जी उपस्थित रहे और प्रार्थना का संचालन अरुण सिंह ने किया। वहीं माइक संचालन का कार्य षष्टिक सिंह ने बड़ी कुशलता और अनुशासन के साथ किया।
इसके साथ ही मंगलनाथ सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्वयंसेवकों ने अपने सुव्यवस्थित क्रम, सामूहिक अनुशासन और जोशपूर्ण मार्च के माध्यम से उपस्थित जनमानस पर गहरा प्रभाव डाला।
यह पथ संचलन न केवल जशपुर के आरा मंडल में अनुशासन और संगठन की मिसाल पेश करता है, बल्कि समाज में जागरूकता और प्रेरणा फैलाने का संदेश भी लेकर आया। सभी उपस्थित लोगों ने इसे उत्साह और सम्मान के साथ देखा और इसकी प्रशंसा की।
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