जशपुर में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहा आरोपी शिक्षक गिरधर यादव को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पिछले कुछ दिनों से यह केस पूरे जिले में सुर्खियों में था, खासकर तब जब कोतवाली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने में देरी किए जाने पर TI आशीष कुमार तिवारी को SSP शशि मोहन सिंह ने तत्काल निलंबित कर दिया था। इस हाईप्रोफाइल मामले में अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी ने पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों को शांत किया है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
SSP शशि मोहन सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के बाद से आरोपी शिक्षक गिरधर यादव फरार था।पुलिस टीम और साइबर सेल लगातार उसकी मूवमेंट को ट्रैक कर रहे थे। मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने घर आने वाला है और कपड़े-पैसों के साथ जशपुर छोड़कर भागने की योजना में है। सूचना मिलते ही पुलिस ने सादे वेश में उसके घर के आसपास जवान तैनात किए साइबर सेल की तकनीकी निगरानी से उसकी लोकेशन पक्की की गई और पुलिस टीम ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया अब आरोपी शिक्षक को पीड़ित बालिका की रिपोर्ट पर सिटी कोतवाली जशपुर में किया गया था, आरोपी शिक्षक के विरुद्ध बी एन एस की धारा 74,75,64(2)(M),65(1) एवं पॉस्को एक्ट की धारा 6,8 के तहत अपराध पंजीबद्ध न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पूरा मामला क्या था?
नाबालिग बालिका ने घरेलू काम करा रहे शिक्षक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। बाल कल्याण समिति ने उसे कोतवाली भेजा, मगर वहां एफआईआर दर्ज करने में अनुचित देरी की गई। सोशल मीडिया पर मामला उछलने के बाद SSP ने कोतवाली प्रभारी TI आशीष तिवारी को एफआईआर में देरी, गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल सस्पेंड कर लाइन अटैच किया।इंस्पेक्टर आशीष के खिलाफ प्राथमिक जांच भी शुरू की गई है, जिसकी रिपोर्ट 7 दिन में देनी है। इसी केस में अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।




