जशपुर नगर/ प्रदेश में कई ऐसी जनजाति हैं जिनका विभिन्न कारणों से जाति प्रमाण पत्र में दिक्कतें आती रहती है। जिसमें एक राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कोरवा जनजाति भी शामिल है । कल्याण आश्रम के कार्यकर्ताओं ने बताया कि जाति नहीं बनने के कारण कई बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाते थे। अथक प्रयास के बावजूद भी समस्या जस की तस रह जाती थी। जिसके लिये अखिल भारतीय कल्याण आश्रम कई वर्षों से जनजातीय समुदाय के लिये शिक्षा , स्वास्थ्य, जीवनशैली और उनकी आर्थिक स्थिति के क्षेत्र में काम कर रही है। ऐसे में जिले के इतिहास में पहली बार कोरवा जनजाति का स्थायी जाति प्रमाण पत्र जारी होने से कोरवा जाति के बच्चों का भविष्य अब संवरता नजर आ रहा है ।

कल्याण आश्रम के कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारीयों के सहयोग से कांसाबेल विकासखंड के शबदमुंडा में शिविर लगाकर 12 परिवारों का जाति प्रमाण पत्र बनाया गया। कोरवा जाति भूमिहीन होने के कारण इनकी जाति में परेशानी होती थी और इनकी जाती नहीं बन पाती थी । अब कोरवाओं में नई आस जगी है और भविष्य भी इनका उज्ज्वल होते जा रहा है कोरवाओं ने कल्याण आश्रम के कार्यों और इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें अपना हितैषी बताया । कल्याण आश्रम के कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम आगे भी पिछड़ी जनजातियों के लिये समर्पित होकर कार्य करते रहेंगे।




