जशपुर। जिले में गौ-तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत जशपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस ने घेराबंदी कर दो पिकअप वाहनों से 26 नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस पूरी कार्यवाही के दौरान पुलिस और तस्करों के बीच जबरदस्त लुका-छिपी देखने को मिली, जहाँ तस्करों ने पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भागने का असफल प्रयास किया।
घटनाक्रम के अनुसार, 16 और 17 दिसंबर की दरम्यानी रात पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि पिकअप वाहनों में पशुओं को क्रूरतापूर्वक भरकर झारखंड की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसएसपी के निर्देश पर लोदाम, सिटी कोतवाली, कुनकुरी और रक्षित केंद्र की संयुक्त टीम ने लोरो घाट पर कड़ी नाकाबंदी कर दी। रात के अंधेरे में जब दो संदिग्ध वाहन वहां पहुंचे, तो पुलिस को सामने देख तस्करों ने वाहन रोकने के बजाय उनकी रफ्तार बढ़ा दी। एक वाहन जशपुर की ओर भागा, जबकि दूसरा वाहन पुलिस को चकमा देने के लिए बैक होकर दुलदुला-चटकपुर मार्ग की ओर मुड़ गया।
जशपुर की ओर भागे पिकअप का पीछा करते समय काई कछार के पास वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही चालक मौके से फरार हो गया। पलटे हुए वाहन (JH-01-VY-7119) की जांच करने पर त्रिपाल के नीचे रस्सियों से बेरहमी से बंधे 10 गौ-वंश मिले, जिनमें से एक की मौत हो चुकी थी। वहीं, दूसरी ओर कुनकुरी पुलिस ने गड़ाकाटा के पास घेराबंदी की, जिसके डर से तस्कर दूसरे वाहन (JH 01-FK-5521) को सड़क पर ही छोड़कर भाग निकले। इस पिकअप में सब्जी के कैरेट के पीछे 16 गौ-वंश छिपाए गए थे, जिनमें से 3 मृत पाए गए।
पुलिस ने सभी जीवित पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा है, जबकि मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कर ससम्मान अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिले में गौ-तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। इस पूरी कार्यवाही में जिले के कई थाना प्रभारियों और पुलिस बल की सराहनीय भूमिका रही!




