जशपुर नगर: – जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत सन्ना-पंडरा पाठ क्षेत्र में इन दिनों ठंड का कहर जारी है। शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है — जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। सुबह के समय खेतों, घास और पैरावट पर बर्फ जैसी पतली परत जम जाती है, जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे सर्दियों की चादर बिछ गई हो। यह स्थिति पिछले कई दिनों से लगातार बनी हुई है, और स्थानीय लोगों के लिए यह “इस साल की सबसे कठोर सर्दी” बन गई है ।

क्या है स्थिति ?
– बर्फ जैसी परत : सन्ना और पंडरा पाठ में मैदानी इलाकों तक बर्फ जम रही है — ऐसा लग रहा है जैसे फ्रीजर से निकला पानी हो! यह दृश्य न केवल लोगों को हैरान कर रहा है, बल्कि फसलों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है ।
– ठंड का असर: स्कूली बच्चे, दिहाड़ी मजदूर और किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। लोग सुबह-शाम अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। चाय की दुकानों पर भीड़ लगी है, और अलाव के लिए लकड़ी की मांग बढ़ गई है .
– फसलों को खतरा: ठंड के कारण फूल झड़ रहे हैं, जिससे सरसों, अरहर और मटर की पैदावार पर बड़ा असर पड़ सकता है। किसान चिंतित हैं — “फसलें बर्बाद हो रही हैं, सरकार से मदद चाहिए!”
– स्कूल बंद: कुछ जिलों में ठंड के चलते 8वीं तक के स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। बच्चे घर पर ही रहकर ठंड से बच रहे हैं ।

– मौसम विभाग की चेतावनी: आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है — लोगों को गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। शीतलहर का अलर्ट जारी है ।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
“पानी रखो तो सुबह बर्फ बन जाता है!” — यह कहना है सन्ना के निवासी रामू दास का। उन्होंने बताया कि पिछले 20 साल में ऐसी ठंड कभी नहीं पड़ी।
अलग-अलग इलाकों में तापमान अलग-अलग है:
– सन्ना-पंडरा पाठ: 4–5 डिग्री सेल्सियस
– जशपुर शहर: 4 डिग्री सेल्सियस (न्यूनतम)
– पंडरापाठ: 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा
प्रशासन की तैयारी
जशपुर जिला प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए हैं। साथ ही, कुछ जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके।
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