जशपुर, 28 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास, श्रम, मत्स्य, खाद्य विभाग, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और निगरानी को लेकर कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास खंड में पदस्थ मत्स्य निरीक्षक प्रतिदिन सुबह 10 बजे अपने-अपने विकास खंड के जनपद पंचायत कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। इसके पश्चात फील्ड विजिट कर किसानों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं को मत्स्य विभाग की योजनाओं की जानकारी देंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मत्स्य निरीक्षकों का मुख्यालय संबंधित विकास खंड का जनपद पंचायत कार्यालय ही रहेगा।
कलेक्टर ने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीकों से मछली पालन की विधि तथा स्व सहायता समूह की महिलाओं को तालाब पट्टे पर लेकर मछली पालन करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृति, निर्माण कार्य एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका के रिक्त पदों की जानकारी ली और शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए।
खाद्य विभाग की समीक्षा में राशन वितरण, राशनकार्ड आवेदनों के निराकरण तथा फूड इंस्पेक्टरों के कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विकास खंड में पदस्थ फूड इंस्पेक्टर प्रतिदिन एसडीएम कार्यालय में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे और इसके बाद फील्ड विजिट कर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित करेंगे।
समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों की जांच कर पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। कुनकुरी के फूड इंस्पेक्टर संदीप गुप्ता एवं दुलदुला के फूड इंस्पेक्टर अजय प्रधान को विशेष ध्यान देते हुए कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने होटल, ढाबा एवं रेस्टोरेंट में लकड़ी से भोजन पकाने पर प्रतिबंध लगाते हुए सभी को कमर्शियल गैस कनेक्शन लेने हेतु अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके लिए जांच दल गठित कर नियमित निरीक्षण करने को कहा गया।
धान खरीदी अंतिम चरण में होने के मद्देनज़र कलेक्टर ने अवैध धान परिवहन करने वाले कोचियों एवं बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जिन किसानों ने अपना पूरा धान विक्रय कर दिया है, उनसे रकबा समर्पण सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए।
























