जशपुर, 21 फरवरी 2026। जिले के कलेक्टोरेट परिसर में आज छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने प्रतिमा का लोकार्पण कर इसे राज्य की मातृ-शक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि ‘महतारी’ शब्द का अर्थ माँ होता है, और छत्तीसगढ़ महतारी राज्य की जननी तथा मातृभूमि का प्रतीक है। यह प्रतिमा प्रदेश की लोकसंस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन की झलक प्रस्तुत करती है।
प्रतिमा की प्रमुख विशेषताएँ
धान की बालियाँ – कृषि, उर्वरता और समृद्धि का प्रतीक
मातृत्व स्वरूप – संरक्षण, स्नेह और पोषण का संदेश
सांस्कृतिक पहचान – लोककला, परंपरा और छत्तीसगढ़ी गौरव का प्रतिनिधित्व
उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर में भी छत्तीसगढ़ महतारी की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो राज्योत्सव और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।
यह प्रतिमा न केवल सांस्कृतिक एकता का संदेश देती है, बल्कि “मोर छत्तीसगढ़” की भावना को भी सशक्त रूप से अभिव्यक्त करती है, जिससे लोगों में अपनी मिट्टी और परंपरा के प्रति जुड़ाव और गर्व की अनुभूति होती है।




















