जशपुरनगर, 30 जून 2026। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग के 9 सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर ही पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) सौंपकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी कर्मचारियों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में कैलेंडर वर्ष 2026 के अंतर्गत 30 जून को कुल 9 अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं। इनमें फरसाबहार विकासखंड से 3, पत्थलगांव से 5 तथा कुनकुरी विकासखंड से 1 कर्मचारी शामिल हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों में 5 प्रधान पाठक, 1 उच्च वर्ग शिक्षक, 1 व्याख्याता, 1 भृत्य तथा 1 सहायक ग्रेड-02 कर्मचारी शामिल हैं।
फरसाबहार विकासखंड से श्री सूर्यकांत वाजपेयी (प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला समडमा), श्री उदयनाथ सिंह (प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सीमाबारी) तथा श्री कमल साय (भृत्य, शासकीय हाईस्कूल कन्दईबहार) सेवानिवृत्त हुए। इसी प्रकार पत्थलगांव विकासखंड से श्री रथोराम यादव (उच्च वर्ग शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बिलडेगी), श्री हीरालाल गोपाल (सहायक ग्रेड-02, कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी पत्थलगांव), श्री रामदयाल रात्रे (प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला किलकिला), श्री अमर साय पैकरा (प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला बईबरपारा) एवं श्री हवल साय नेताम (प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डाहीडाड) सेवानिवृत्त हुए। वहीं कुनकुरी विकासखंड से श्री विन्सेंट किस्पोट्टा (व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी) ने भी 30 जून को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति प्राप्त की।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में प्रत्येक माह सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सूची तैयार की जाती है। सेवानिवृत्ति की तिथि से लगभग तीन माह पूर्व ही आवश्यक दस्तावेजों एवं विभागीय औपचारिकताओं की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाती है। संबंधित विकासखंड अधिकारियों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर पेंशन स्वीकृति आदेश, अवकाश नकदीकरण तथा अन्य आवश्यक प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इसी सुनियोजित प्रक्रिया के कारण सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को उनके सेवा निवृत्ति दिवस पर ही पेंशन स्वीकृति आदेश उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता।