रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और आम नागरिकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुरुवार को रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में मलेरिया से होने वाली मौतों को पूरी तरह रोकना है और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी गंभीरता एवं सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विशेष रूप से बस्तर अंचल में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस अभियान के तहत अब तक 34.29 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल एनीमिया, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर मरीजों का उपचार प्रारंभ किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया। इसके अलावा 10,938 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी विशेष निगरानी एवं उपचार सुनिश्चित किया गया।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में प्रदेश के कुछ इलाकों में मलेरिया के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मैदानी स्तर पर अपनी गतिविधियां और तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम तथा अन्य फील्ड स्टाफ गांव-गांव जाकर लोगों की जांच, दवा वितरण, सर्वेक्षण और जनजागरूकता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारी प्राथमिकता और लक्ष्य है।” इसके लिए समय पर जांच, तत्काल उपचार, निरंतर निगरानी और लोगों को जागरूक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की रणनीतिक कार्ययोजना, नियमित निगरानी और जनसहभागिता के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर, जो पहले 4.60 प्रतिशत थी, अब घटकर केवल 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं प्रदेश का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) भी 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन की दिशा में विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली का प्रमाण है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित विशेषज्ञ जांच की जा रही है। साथ ही उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार एवं विशेष देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस संचालित की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच इन एम्बुलेंस सेवाओं के माध्यम से 6.50 लाख से अधिक नागरिकों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। सड़क दुर्घटनाओं, प्रसव संबंधी आपात स्थितियों और अन्य गंभीर परिस्थितियों में इन सेवाओं ने लोगों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में आधुनिक जांच सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। HLL Lifecare Limited के सहयोग से राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल, सूचना प्रौद्योगिकी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली और गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी समयबद्ध एवं विश्वसनीय जांच सुविधाएं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना भी सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे अस्पतालों को प्रशिक्षित तकनीकी एवं पैरामेडिकल स्टाफ मिलेगा और प्रदेश के युवाओं के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा नियमित जांच अभियान चलाकर मिलावटी एवं नकली खाद्य पदार्थों पर प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल बीमारियों का उपचार करना नहीं, बल्कि समय रहते उनकी पहचान, रोकथाम और लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की योजनाओं, स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और जनसहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने की दिशा में लगातार बेहतर परिणाम मिलते रहेंगे।