जशपुर: भाजपा जिला प्रभारी अमर सुल्तानिया ने लोकसभा में पारित लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के हितों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन विधेयक भी उसी संकल्प का परिणाम है।
अमर सुल्तानिया ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं देश के करोड़ों युवाओं के जीवन और भविष्य से जुड़ी होती हैं। लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम कर इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। ऐसे मामलों से न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होता है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि नए संशोधन के माध्यम से सरकार ने ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने का मजबूत कानूनी आधार तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक में परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इसके लागू होने से परीक्षा माफिया, प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोहों तथा संगठित रूप से परीक्षा में अनियमितता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई संभव होगी। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और उनसे जुड़े सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी पहले की तुलना में अधिक सुनिश्चित होगी। इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।
भाजपा जिला प्रभारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार के अवसरों का विस्तार, डिजिटल पारदर्शिता और अब परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित एवं निष्पक्ष बनाने के लिए यह संशोधन सरकार की दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक प्रतिभाशाली और मेहनती युवा को उसकी योग्यता के आधार पर निष्पक्ष अवसर मिले।
अमर सुल्तानिया ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रतियोगी परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी होंगी, तभी योग्य अभ्यर्थियों का चयन होगा और देश को बेहतर मानव संसाधन मिलेगा। लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ईमानदार प्रतिभाओं की रक्षा करेगा और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस संशोधन के लागू होने से परीक्षा प्रणाली में युवाओं का विश्वास और मजबूत होगा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को नई मजबूती मिलेगी। भाजपा ने इसे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार का ऐतिहासिक निर्णय बताया है।