जशपुर: नशे में स्कूल पहुंचने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई , अब नशेड़ी शिक्षकों को भेजा जाएगा नशा मुक्ति केंद्र , बिना लाइसेंसी मेडिकल पर भी होगी कार्रवाई

जशपुर: जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले में नशे की रोकथाम, अवैध मादक पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी पर नियंत्रण, कोटपा एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई तथा जनजागरूकता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पाटनवार, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात, परिवहन, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

नशे में स्कूल आने वाले शिक्षकों को भेजा जाएगा नशा मुक्ति केंद्र

बैठक के दौरान कलेक्टर रोहित व्यास ने शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई शिक्षक नशे की हालत में विद्यालय पहुंचता है तो उसकी तत्काल जानकारी संकलित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। ऐसे शिक्षकों को उपचार के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर है और वहां किसी भी प्रकार की नशे की प्रवृत्ति बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्कूलों के आसपास तंबाकू बिक्री पर सख्ती

कलेक्टर ने विद्यालयों के 100 मीटर के दायरे में गुटखा, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर नियमित निरीक्षण करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जप्ती और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे और तंबाकू से दूर रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।

स्कूलों में चलेगा नशा मुक्त भारत अभियान

कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिले के मिडिल स्कूल से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों तक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे।

उन्होंने कहा कि यदि बचपन और किशोरावस्था में ही बच्चों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए, तो भविष्य में नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों पर होगी कार्रवाई

बैठक में कलेक्टर ने बिना लाइसेंस संचालित फार्मेसी स्टोरों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसलिए ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मादक पदार्थों की तस्करी पर रखें सतत निगरानी

कलेक्टर रोहित व्यास ने पुलिस, आबकारी एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, परिवहन और तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जाए। यदि कहीं भी मादक पदार्थों की बिक्री या तस्करी की सूचना मिले तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौती भी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में कोटपा एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई तथा सभी विभागों को अभियान को और अधिक प्रभावी एवं परिणाममूलक बनाने के निर्देश दिए गए।

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