रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में प्रदेश के विकास, सुशासन, डिजिटल तकनीक, औद्योगिक निवेश और अधोसंरचना को गति देने वाले सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में 500 करोड़ रुपये के छत्तीसगढ़ AI मिशन, BEML के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र, लोक निर्माण विभाग में डिजिटल प्रबंधन प्रणाली, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में संशोधन सहित कई अहम निर्णय शामिल हैं।
500 करोड़ रुपये का AI मिशन होगा शुरू
कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ को मंजूरी दी है। पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये की लागत से संचालित होने वाले इस मिशन के तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे तथा 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन की कार्यप्रणाली को सरल और तेज बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं भी विकसित की जाएंगी।
छत्तीसगढ़ में लगेगा BEML का पहला हैवी मशीन निर्माण संयंत्र
मंत्रिपरिषद ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। राज्य में स्थापित होने वाला यह पहला हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा, जिससे बड़े निवेश आकर्षित होंगे, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा MSME क्षेत्र को भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।
लोक निर्माण विभाग में लागू होगी डिजिटल WAMIS प्रणाली
लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू करने के पहले चरण को मंजूरी दी गई है।
इस प्रणाली के माध्यम से कार्य स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन और गुणवत्ता की निगरानी एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी है।
अब ग्रामीण गलियों में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण किया जा सकेगा। सड़क निर्माण से पहले मनरेगा से मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। साथ ही उन सभी ग्रामीण मार्गों को योजना में शामिल किया जाएगा जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या अन्य योजनाओं में शामिल नहीं हैं।
ADB देगा 15 करोड़ रुपये का अनुदान
कैबिनेट ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से “अंजोर LIGHT” तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये के पूर्ण अनुदान को मंजूरी दी है।
यह परियोजना तीन वर्षों तक संचालित होगी और इसमें राज्य सरकार को कोई वित्तीय अंशदान नहीं देना होगा। इसके माध्यम से सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, PPP मॉडल, ग्रीन फाइनेंस, जलवायु अनुकूल परियोजनाओं और अंजोर विजन-2047 के क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी।
राज्य योजनाओं में लागू होगा S-SNA मॉडल
राज्य सरकार ने सभी राज्य योजनाओं में State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि अलग-अलग खातों में निष्क्रिय नहीं रहेगी, बल्कि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट से आवश्यकता अनुसार सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को भुगतान किया जाएगा। इससे पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी।
CSPGCL जारी करेगी 200 करोड़ रुपये के बॉन्ड
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी दी है।
इस निर्णय से ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, विद्युत अवसंरचना मजबूत होगी तथा कंपनी को वित्तीय संसाधन जुटाने के नए अवसर प्राप्त होंगे। राज्य सरकार इस पर आवश्यक गारंटी भी प्रदान करेगी।
प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
कैबिनेट के इन निर्णयों से छत्तीसगढ़ में डिजिटल तकनीक, औद्योगिक निवेश, ग्रामीण अधोसंरचना, ऊर्जा, वित्तीय प्रबंधन और सुशासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही रोजगार, निवेश और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी राज्य को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।