जशपुर: फरसाबहार में शिक्षकों की शिकायत पर कलेक्टर ने गठित की 3 सदस्यीय जांच समिति ,BEO, ABEO और BRCC पर आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप; 7 दिनों में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश

जशपुर: विकासखण्ड फरसाबहार में शिक्षकों द्वारा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO), सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (ABEO) एवं बीआरसीसी (BRCC) के खिलाफ लगाए गए आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना, पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कलेक्टर ने जांच समिति गठित कर दी है।

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, विकासखण्ड इकाई फरसाबहार की ओर से प्रस्तुत शिकायत के आधार पर की गई है। संगठन ने शिकायत में मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की थी।

3 सदस्यीय समिति करेगी जांच

कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार जांच समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर और लेखाधिकारी, जिला पंचायत जशपुर को सदस्य नियुक्त किया गया है।

समिति को प्राप्त शिकायत की विस्तृत बिंदुवार जांच कर 7 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षकों ने लगाए गंभीर आरोप

फेडरेशन की ओर से कलेक्टर को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि फरसाबहार विकासखण्ड में कुछ अधिकारियों द्वारा अपने पद एवं अधिकारों का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए शिक्षकों को निरीक्षण, निलंबन, प्रतिकूल प्रतिवेदन, विभागीय कार्रवाई और स्थानांतरण का भय दिखाकर मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि PFMS भुगतान, निरीक्षण प्रतिवेदन अनुकूल करने, निलंबन समाप्त कराने और अन्य विभागीय कार्यों के नाम पर शिक्षकों से कथित रूप से अनुचित आर्थिक लाभ की मांग की गई।

₹1 लाख तक की राशि मांगने के आरोप

शिकायत में ₹50 हजार, ₹60 हजार, ₹40 हजार और ₹1 लाख तक की राशि मांगने अथवा लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी

कुछ शिकायतों में महिला शिक्षकों को देर रात तक कार्यालय में बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

शिकायत करने पर कार्रवाई की धमकी का आरोप

फेडरेशन ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शिकायत या विरोध करने वाले शिक्षकों को निलंबन, प्रताड़ना और अन्य प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की धमकी दी जाती है।

अब कलेक्टर द्वारा गठित समिति इन सभी आरोपों की बिंदुवार जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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