रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर नवा रायपुर क्षेत्र स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे युवक की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोरों की विशेष टीम विशाखापट्टनम से छत्तीसगढ़ पहुंचेगी। ईस्टर्न नेवल कमांड की टीम के पहुंचने के बाद गहरे पानी में विशेष तकनीकी दक्षता के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
बताया गया है कि विशेष दल में एक अधिकारी और 10 नौसैनिक विशेषज्ञ गोताखोर शामिल हैं। टीम के सदस्य गहरे पानी में गोताखोरी तथा पानी के भीतर चलाए जाने वाले खोज एवं बचाव अभियानों में विशेष दक्षता रखते हैं। टीम के दोपहर लगभग दो से तीन बजे रायपुर पहुंचने के बाद संबंधित स्थल पर पहुंचकर खोज अभियान शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर युवक की तलाश में उपलब्ध संसाधनों के साथ विशेषज्ञ एजेंसियों की सहायता भी ली जा रही है।
दोस्तों के साथ घूमने पहुंचा था युवक
जानकारी के अनुसार, रायपुर के मौदहापारा क्षेत्र का रहने वाला 24 वर्षीय आदिल खान अपने तीन दोस्तों के साथ बुधवार शाम नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने को लेकर शर्त लग गई।
बताया जा रहा है कि इसके बाद आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतर गए। उसका दोस्त तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे पानी की ओर चला गया और वापस बाहर नहीं आ सका। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास मौजूद लोगों और उसके दोस्तों ने पुलिस एवं बचाव दल को सूचना दी।
गहराई के कारण चुनौतीपूर्ण बना तलाश अभियान
घटना के बाद से पुलिस के साथ SDRF और अन्य बचाव दल युवक की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। हालांकि, ब्लू वाटर खदान की अत्यधिक गहराई और पानी के भीतर की परिस्थितियों के कारण खोज अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयासों के बावजूद युवक का पता नहीं चलने पर अब विशेष तकनीकी विशेषज्ञता वाले भारतीय नौसेना के गोताखोर दल की सहायता ली जा रही है। नौसेना के प्रशिक्षित गोताखोर गहरे पानी और पानी के भीतर के चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में विशेष अनुभव के आधार पर सर्च ऑपरेशन को आगे बढ़ाएंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयास
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को युवक की तलाश के लिए हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में भारतीय नौसेना के ईस्टर्न नेवल कमांड, विशाखापट्टनम से विशेषज्ञ गोताखोर दल की सहायता ली जा रही है।
विशेषज्ञ दल के पहुंचने से खोज अभियान को तकनीकी सहयोग मिलने के साथ गहरे पानी में युवक की तलाश को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की उम्मीद है। प्रशासन द्वारा भी अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।