सरगुजा। शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के अपनी समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्टोरेट के लिए निकलने की घटना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत से दूरभाष पर सीधे चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली और विद्यालय में लंबे समय से बनी समस्याओं पर कड़ी नाराजगी जताई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालय से पैदल निकलना पड़े, यह स्थिति किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विद्यालय में लंबे समय से बिजली सहित अन्य समस्याएं बनी हुई थीं तो संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते उनका समाधान क्यों नहीं किया गया।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी, अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजली, शिक्षकों की कमी, पढ़ाई, मेस और साफ-सफाई की समस्याओं का तत्काल समाधान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छात्राओं द्वारा सामने लाई गई सभी समस्याओं के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए हैं। इनमें विद्यालय की बिजली व्यवस्था, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस तथा साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
उन्होंने कलेक्टर से कहा कि केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे छात्राओं की समस्याएं विद्यालय एवं छात्रावास स्तर पर ही समय पर सुनी और दूर की जा सकें।
आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की होगी नियमित समीक्षा
मुख्यमंत्री ने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और अधिकारियों द्वारा सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों को किसी परेशानी के समाधान के लिए प्रशासन तक स्वयं पहुंचने की ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेना तथा समय पर उनका समाधान करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
प्रदेश के आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार संसाधन उपलब्ध करा रही है। इन संसाधनों और योजनाओं का लाभ बच्चों तक सही ढंग से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना मैदानी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है कि प्रत्येक बच्चे को पढ़ाई के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण मिले। हमारे बच्चे हम पर विश्वास करके आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी छोटी से छोटी समस्या को भी संवेदनशीलता के साथ सुनना और उसका समयबद्ध समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने जिला प्रशासन को छात्राओं से लगातार संवाद बनाए रखने और विद्यालय की व्यवस्थाओं में किए जा रहे सुधारों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।