CM हेल्पलाइन की शिकायतें बिना उचित निराकरण के बंद करने पर 13 PWD अधिकारियों को नोटिस ,तीन अधीक्षण अभियंता, पांच कार्यपालन अभियंता और पांच एसडीओ कार्रवाई के दायरे में; 15 दिनों के भीतर

रायपुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने के मामले में छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें तीन अधीक्षण अभियंता, पांच कार्यपालन अभियंता और पांच अनुविभागीय अधिकारी शामिल हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों से नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

अगस्त-सितंबर की शिकायतों की समीक्षा में सामने आई गड़बड़ी

लोक निर्माण विभाग द्वारा अगस्त और सितंबर 2026 के दौरान सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज विभागीय शिकायतों की समीक्षा की गई। इस दौरान पाया गया कि एल-1, एल-2 और एल-3 स्तर पर कई शिकायतों को ऐसी टीप के साथ बंद किया गया, जिससे समस्या के वास्तविक निराकरण की जानकारी स्पष्ट नहीं होती थी।

विभाग ने इसे शिकायतों के असंतोषप्रद निराकरण और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

एल-1 स्तर पर पांच अनुविभागीय अधिकारियों को नोटिस

शिकायतों के असंतोषप्रद निराकरण को लेकर एल-1 स्तर पर पांच अनुविभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बिलासपुर के अनुविभागीय अधिकारी अतुल राज पेगवार, बेमेतरा उप संभाग के राजेश कुमार बाजपेयी, पेंड्रा उप संभाग के जगदीश प्रसाद, सेतु उप संभाग दुर्ग के अशोक कुमार हरियाले और पाटन उप संभाग की सोनल ढालेन्द्र शामिल हैं।

एल-2 स्तर पर पांच कार्यपालन अभियंता भी कार्रवाई के दायरे में

एल-2 स्तर पर शिकायतों का उचित निराकरण नहीं होने के मामले में विभाग ने पांच कार्यपालन अभियंताओं को नोटिस जारी किया है। इनमें बेमेतरा संभाग के केशव प्रसाद लहरे, कोरबा संभाग के घासीराम जांगड़े, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग बिलासपुर के रोशन कुमार साहू, सारंगढ़ संभाग के प्यारे लाल पैकरा और कांकेर संभाग की प्रज्ञा नंद शामिल हैं।

एल-3 स्तर पर तीन अधीक्षण अभियंताओं को नोटिस

इसी तरह, एल-3 स्तर पर शिकायतों को बिना सारगर्भित टीप के बंद किए जाने पर तीन अधीक्षण अभियंताओं से जवाब मांगा गया है। इनमें मंडल क्रमांक-2 रायपुर के डी.के. नेताम, दुर्ग मंडल की अर्पणा चौरपगार और राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल बिलासपुर के महादेव लहरे शामिल हैं।

शिकायत बंद करने से पहले कार्रवाई का स्पष्ट विवरण देना जरूरी

विभाग ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि सीएम हेल्पलाइन पर किसी शिकायत को बंद करते समय संबंधित अधिकारी की टीप में स्थल निरीक्षण के निष्कर्ष, की गई या प्रस्तावित कार्रवाई, कार्रवाई की तिथि अथवा समय-सीमा और शिकायतकर्ता को दी गई सूचना का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।

यदि शिकायत किसी अन्य विभाग से संबंधित है, तो इसे भी कारण सहित दर्ज करना आवश्यक है। विभाग के अनुसार, इन जानकारियों के अभाव में शिकायतकर्ता की समस्या के निराकरण की पुष्टि नहीं हो पाती और पोर्टल पर दर्ज निराकरण के आंकड़े भ्रामक हो सकते हैं।

15 दिन में जवाब नहीं देने पर एकपक्षीय कार्रवाई

लोक निर्माण विभाग ने इस स्थिति को कर्तव्य पालन में लापरवाही और पदीय दायित्वों का उचित ढंग से निर्वहन नहीं किया जाना माना है। इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

सभी अधिकारियों को अपना लिखित प्रतिवाद नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर लोक निर्माण विभाग के सचिव के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है।

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