रायपुर/कोलकाता, 18 अक्टूबर 2026। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने से कम से कम 19 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, अचानक हुई भारी बारिश, पहले से मौजूद भीड़ और लोगों के एक साथ पंडाल की ओर बढ़ने से हालात बिगड़ गए।
बारिश से बचने के लिए पंडाल की ओर बढ़े लोग, बढ़ गया भीड़ का दबाव
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बाहर मौजूद लोग पंडाल की ओर बढ़ने लगे, जबकि अंदर पहले से ही काफी भीड़ थी। इससे प्रवेश और निकास के रास्तों पर दबाव बढ़ गया और लोगों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंडाल तक पहुंचने वाली गलियां संकरी थीं और प्रवेश तथा निकास के रास्तों पर भी पर्याप्त जगह नहीं थी। ऐसे में भीड़ के अचानक बढ़ने से लोगों को संभलने और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। कुछ लोग गिर पड़े और उनके पीछे आ रहे लोगों के कारण स्थिति और गंभीर हो गई।
अव्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर उठे सवाल
घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों ने पर्याप्त पुलिस बल, स्वयंसेवकों की तैनाती और प्रवेश-निकास व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी कहा कि घटनास्थल के कुछ हिस्सों में रोशनी की कमी थी, जिससे अफरा-तफरी के दौरान लोगों को परेशानी हुई।
कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि आयोजकों की ओर से की गई घोषणा और सुरक्षा कर्मियों की सीटी बजने के बाद भीड़ में अचानक हलचल बढ़ी। हालांकि, हादसे के तत्काल कारणों और अलग-अलग घटनाक्रमों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
19 लोगों की मौत, कई घायल; अस्पताल में कराया गया भर्ती
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हादसे में करीब 19 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों ने राहत एवं बचाव कार्य किया। प्रशासन ने पंडाल में लोगों का प्रवेश बंद कराते हुए घटना की जांच शुरू की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले सभी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
उन्होंने माँ दुर्गा से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
हादसे ने फिर खड़े किए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के सवाल
दुर्गा पूजा के दौरान बड़े पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते, पर्याप्त पुलिस बल, प्रशिक्षित स्वयंसेवक, आपातकालीन निकासी की व्यवस्था और प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी होती है। चोरबागान की घटना के बाद इन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
फिलहाल हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच जारी है। जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगा कि इस दर्दनाक घटना को रोकने के लिए कौन-सी व्यवस्थाएं अपर्याप्त रहीं और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है।