रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दिखाएंगे हरी झंडी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे; रायपुर-रावघाट का किराया 55 रुपये और रायपुर-कुरूद का 20 रुपये तय
रायपुर। विजयदशमी के अवसर पर 20 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ को दो नई यात्री ट्रेन सेवाओं की सौगात मिलेगी। रायपुर से कुरूद (धमतरी) और रायपुर से रावघाट (बस्तर) के बीच शुरू होने वाली इन सेवाओं को लेकर रेलवे की ओर से तैयारियां की गई हैं। नई दिल्ली से केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे।
मुख्य आयोजन रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-7 पर दोपहर 1:30 बजे आयोजित होगा। वहीं, रावघाट स्टेशन पर भी कार्यक्रम होगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। इन नई यात्री सेवाओं के शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों में रेल आवागमन की सुविधा बढ़ने और यात्रियों को सड़क मार्ग के मुकाबले कम किराये में यात्रा करने का विकल्प मिलने की उम्मीद है।
ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेल लाइन का होगा उद्घाटन
इस अवसर पर ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन और अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन भी किया जाएगा। इसके साथ ही रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी जाएगी। इन परियोजनाओं को प्रदेश में रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रायपुर से रावघाट का किराया 55 रुपये, कुरूद का 20 रुपये
रेलवे की किराया सूची के अनुसार, रायपुर से रावघाट तक 219 किलोमीटर की यात्रा का किराया 55 रुपये निर्धारित किया गया है। इस मार्ग पर बस से यात्रा करने के लिए फिलहाल करीब 300 से 350 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में नई ट्रेन सेवा यात्रियों को कम खर्च में सफर करने का विकल्प उपलब्ध कराएगी।
इसी तरह, रायपुर से कुरूद के बीच ट्रेन का किराया 20 रुपये तय किया गया है, जो बस से यात्रा करने की तुलना में करीब 40 रुपये कम है। कम किराये वाली इन सेवाओं से दैनिक यात्रियों, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और कामकाज के सिलसिले में यात्रा करने वालों को लाभ मिलने की संभावना है।
डबल इंजन सरकार में बढ़ा छत्तीसगढ़ का रेल बजट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद से छत्तीसगढ़ में 51,080 करोड़ रुपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं पर काम जारी है। उनके मुताबिक, औद्योगिक, जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक रेल कनेक्टिविटी पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपये किया गया है। यह वर्ष 2009 से 2014 के दौरान राज्य को मिलने वाले औसतन 311 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष के रेल बजट से लगभग 24 गुना अधिक है।
प्रदेश में रेल परियोजनाओं के विस्तार से यात्री सुविधाओं के साथ-साथ माल परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों और दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नया माल ढुलाई कॉरिडोर: 7,854 करोड़ रुपये की परियोजना
आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में माल परिवहन को अधिक सुगम बनाने के लिए खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा के बीच 278 किलोमीटर लंबा माल ढुलाई मार्ग विकसित करने की योजना है। इस परियोजना पर 7,854 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह कॉरिडोर बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग के व्यस्त रेल मार्गों को बाईपास करने में मदद करेगा। इससे कोयला, लौह अयस्क और सीमेंट जैसे प्रमुख औद्योगिक उत्पादों के परिवहन को गति मिलने की संभावना है। माल ढुलाई के लिए अतिरिक्त रेल मार्ग उपलब्ध होने से मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार
बस्तर क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन पर काम किया जा रहा है। इस मार्ग पर अंतागढ़ तक 77 किलोमीटर हिस्से में रेल सेवा शुरू हो चुकी है।
रावघाट क्षेत्र से भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क की सीधी आपूर्ति की सुविधा विकसित करने की दिशा में भी यह रेल लाइन महत्वपूर्ण है। इससे खनिज परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त किरंदुल-कोत्तागुडेम रेल लाइन, जिसकी लंबाई 180 किलोमीटर है, और गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल रेल लाइन, जिसकी लंबाई 490 किलोमीटर है, के सर्वेक्षण का काम जारी है। इन प्रस्तावित रेल मार्गों से बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में रेल नेटवर्क के विस्तार की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेल लाइन से कई क्षेत्रों को जोड़ने की योजना
छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन की लंबाई 295 किलोमीटर है। इस परियोजना के पूरा होने पर कटघोरा, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ को रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर रेल परियोजना, जिसकी लंबाई 244 किलोमीटर है, और धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना, जिसकी लंबाई 301 किलोमीटर है, को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से औद्योगिक क्षेत्रों और दूरस्थ इलाकों के बीच रेल संपर्क मजबूत हो सकता है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 32 स्टेशनों का आधुनिकीकरण
रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इन कार्यों पर 1,680 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
हाल ही में चांपा, बालोद और सरोना रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल लोकार्पण किया गया। स्टेशन आधुनिकीकरण के तहत यात्रियों के लिए सुविधाओं में सुधार और रेलवे परिसरों के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
नई ट्रेनों से यात्रियों को मिलेगी राहत
विजयदशमी के अवसर पर रायपुर-कुरूद और रायपुर-रावघाट के बीच नई यात्री ट्रेन सेवाओं की शुरुआत को प्रदेश में रेल संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। कम किराये पर यात्रा का विकल्प मिलने के साथ ही बस्तर, धमतरी और आसपास के क्षेत्रों में रेल सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
संवाद छत्तीसगढ़
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