26 लाख से अधिक ग्रामीण आवास स्वीकृत, अब तक 11.78 लाख घरों का निर्माण पूरा; शहरी क्षेत्रों में 2.22 लाख आवास पूर्ण
आवास प्लस 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ को मिले 3.65 लाख नए आवासों के लक्ष्य, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में योजना के क्रियान्वयन पर जोर
रायपुर, 21 अक्टूबर। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की महत्वपूर्ण मिसाल बनकर उभर रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पक्के आवासों के निर्माण से लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक जीवन जीने का आधार मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में योजना के क्रियान्वयन को गति दी जा रही है। राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि इनमें से लगभग 11 लाख 78 हजार आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत 2 लाख 43 हजार आवासों में से 2 लाख 22 हजार आवास पूर्ण हो चुके हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद, राहत और खुशी का माध्यम बनी है, जो वर्षों से अपने पक्के घर का सपना देखते रहे हैं। सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के कारण अनेक परिवार चाहकर भी अपना घर नहीं बना पाते थे। ऐसे परिवारों को योजना के माध्यम से पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का भाव बढ़ा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पक्का आवास मिलने से न केवल परिवारों को सुरक्षित आश्रय मिलता है, बल्कि उनके जीवन स्तर में सुधार और सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूती देने में भी मदद मिलती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत प्रथम कैबिनेट में 18 लाख 12 हजार जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद राज्य में योजना के अंतर्गत अब तक 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 11 लाख 78 हजार आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ितों के लिए विशेष परियोजना के अंतर्गत केंद्र सरकार से 15 हजार आवासों की स्वीकृति मिली। इनमें से छत्तीसगढ़ में 5,600 आवास स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पहले 47 हजार हितग्राहियों के लिए आवास स्वीकृत किए गए थे। नवीन सरकार के गठन के बाद इस श्रेणी में 39 हजार आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 24 हजार आवास पूर्ण हो चुके हैं।
आवास प्लस 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ को मिले 3.65 लाख नए आवासों के लक्ष्य
वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण किया गया। इसके आधार पर 11 सितंबर 2026 को भारत सरकार से छत्तीसगढ़ को लगभग 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
इससे ऐसे जरूरतमंद परिवारों को योजना के दायरे में लाने की दिशा में मदद मिलेगी, जिन्हें पक्के आवास की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण से लोगों को कच्चे और जर्जर मकानों में रहने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): 2.22 लाख आवासों का निर्माण पूरा
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 2 लाख 43 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 2 लाख 22 हजार आवास पूर्ण हो चुके हैं।
पूर्ण आवासों में लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के 1,93,175 आवास तथा भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के 29,267 आवास शामिल हैं।
शहरी क्षेत्रों में योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के साथ ही आवास निर्माण कार्यों को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।
पिछले ढाई वर्षों में शहरी आवास योजना के तहत प्रगति
पिछले ढाई वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बीएलसी घटक में 75,709 आवास पूर्ण किए गए हैं। वहीं, एएचपी घटक के अंतर्गत 13,082 आवास पूर्ण हुए हैं।
एएचपी घटक में 14,687 हितग्राहियों को आवास आवंटित किए गए हैं, जबकि 12,530 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में व्यवस्थापित किया गया है।
आवास निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए नगरीय निकायों को 909 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में 1.32 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 71,416 आवास स्वीकृत
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रदेश के सभी शहरों में डोर-टू-डोर सर्वे अभियान लगातार जारी है। योजना के क्रियान्वयन के लिए तकनीक आधारित सर्वेक्षण और तेज स्वीकृति प्रक्रिया के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।
इस योजना के तहत अब तक 71,416 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 4,129 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 25,165 आवास निर्माणाधीन हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिए नगरीय निकायों को 533.93 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
पक्का आवास मिलने से जीवन स्तर में आ रहा बदलाव
ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक परिवार वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में जीवन व्यतीत करते रहे हैं। बारिश के दिनों में टपकती छत, दीवारों में सीलन, गर्मी और ठंड से बचाव की कठिनाइयों तथा असुरक्षित आवास जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
ऐसे परिवारों के लिए पक्का मकान केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जीवन में स्थायी बदलाव का माध्यम है। सुरक्षित आवास मिलने से परिवारों को मौसम की मार और असुरक्षित परिस्थितियों से राहत मिलती है। साथ ही, घर के रूप में एक स्थायी संपत्ति मिलने से उनके जीवन में सुरक्षा और सम्मान का भाव मजबूत होता है।
शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वच्छ पेयजल, राशन, गैस चूल्हा एवं सिलेंडर, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने से पक्के आवास की उपयोगिता और बढ़ जाती है। इन सुविधाओं के समन्वय से लोगों के जीवन स्तर में सुधार और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक बदलाव को गति मिल रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 26 लाख से अधिक आवासों की स्वीकृति और शहरी क्षेत्रों में 2.22 लाख आवासों का पूर्ण होना इस दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है।
— डॉ. उषा किरण बड़ाईक
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क