जशपुर, 13 मार्च 2026। जशपुर वनमंडल अंतर्गत वनभूमि में अवैध उत्खनन की सूचना पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी मशीन जब्त कर ली है। इस मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन अपराध का प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 11 मार्च 2026 को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि वन परिक्षेत्र बगीचा के रेंगले परिसर अंतर्गत कक्ष क्रमांक पी-1379, ग्राम बेंद में जेसीबी मशीन से वनभूमि पर अतिक्रमण करते हुए अवैध उत्खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी जशपुर शशि कुमार (भा.व.से.) के निर्देश पर वन परिक्षेत्र अधिकारी बगीचा यशस्वी मौर्य (प्रशिक्षु भा.व.से.) ने वन अमले की टीम गठित कर मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
वन अमले के पहुंचने की जानकारी मिलते ही जेसीबी मशीन से खुदाई कर रहा वाहन चालक काम बंद कर मौके से हट गया और मशीन को ग्राम रेंगुप निवासी हेमंत राम वल्द मंगल राम, जाति पहाड़ी कोरवा के घर के सामने कच्ची सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर पीले रंग की जेसीबी मशीन (चेसिस नंबर RAJ3DX54E03490013, इंजन नंबर 55E2208) को विधिवत जब्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई की।
मौके के निरीक्षण में पाया गया कि वनभूमि कक्ष क्रमांक पी-1379 में लगभग 0.178 हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध उत्खनन किया गया है, जिससे वनभूमि को क्षति पहुंचने के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना और जैव विविधता को भी नुकसान हुआ है।
मौके पर उपस्थित व्यक्तियों से पूछताछ एवं पंचनामा के आधार पर वाहन चालक रूपेश यादव वल्द बिरेंद्र कुमार, साकिन महनई, रमेश यादव वल्द राजेश्वर, साकिन महनई, अखिलेश यादव वल्द श्यामजी यादव, साकिन मुड़ी, तथा पिताम्बर यादव और रामजी यादव, साकिन सुलेसा के बयान लिए गए। प्राप्त बयानों के अनुसार जब्त की गई जेसीबी मशीन के मालिक मिथलेश यादव वल्द बालगोविंद यादव, जाति महकुल, साकिन गुरमहाकोना के कहने पर उक्त अवैध उत्खनन कार्य किया जाना पाया गया।
वनभूमि को नुकसान पहुंचाने एवं जैव विविधता को क्षति होने के कारण संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 21498/01 दिनांक 12 मार्च 2026 दर्ज कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण, उत्खनन या अन्य गैरकानूनी गतिविधि किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि वन क्षेत्र में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।




















