जशपुर, छत्तीसगढ़– जिला अस्पताल जशपुर के सिविल सर्जन कार्यालय में कार्यरत चौकीदार श्री राजू यादव तथा चपरासी सुबोध राम के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंने पुलिस विभाग के अभ्यर्थियों से फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की — जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का स्पष्ट उल्लंघन है।
जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए श्री राजू यादव तथा सुबोध राम को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (क) के तहत निलंबित कर दिया है।
निलंबन की अवधि में:
✅ मुख्यालय: कार्यालय खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बगीचा, जिला जशपुर
✅ भत्ता: नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा
क्या है मामला?
जिला अस्पताल में फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने आए पुलिस अभ्यर्थियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि चौकीदार राजू यादव ने उनसे पैसे की मांग की। जांच के बाद प्रशासन ने बिना देर किए कार्रवाई की।
सिविल सर्जन का बयान:
> “यह बेहद गंभीर मामला है। सरकारी कर्मचारी का आचरण शुचिता और अनुशासन के उच्चतम मानकों पर होना चाहिए। हमने नियमों के तहत तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है। जांच जारी है।”
अभिभावकों/अभ्यर्थियों के लिए संदेश:
अगर आप भी किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत या दबाव बनाने का सामना कर रहे हैं — बिना डरे शिकायत करें। आपकी आवाज़ ही बदलाव ला सकती है।
📞 शिकायत के लिए संपर्क करें:
– जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जशपुर
– लोकायुक्त कार्यालय, छत्तीसगढ़




