रायपुर, 21 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा नक्सलवाद अब डबल इंजन की सरकार के समन्वित प्रयासों से समाप्ति की ओर है। उन्होंने यह बात अपने निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज के सैन्य एवं सिविल सेवा अधिकारियों के अध्ययन दल से मुलाकात के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा करते हुए राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की सराहना की और मुख्यमंत्री को सैन्य स्मृति चिन्ह भेंट किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है। उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना के जरिए वन संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है—कोयले से लेकर हीरे तक यहां उपलब्ध हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य है, जहां करीब 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे भविष्य में उत्पादन क्षमता और बढ़ेगी।
कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है। राज्य में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है, जबकि 5.30 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
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विदेशी अधिकारियों ने की सराहना, बोले—यादगार रहा छत्तीसगढ़ प्रवास
अध्ययन दल में शामिल विदेशी सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताते हुए राज्य की भौगोलिक विविधताओं, उर्वर भूमि और विशेष रूप से बस्तर की जनजातीय संस्कृति एवं प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की।
एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और सशक्त नीतियों के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। उन्होंने सुरक्षाबलों के बढ़ते मनोबल और नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की भी सराहना की।
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5 दिवसीय अध्ययन दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचा दल
उल्लेखनीय है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष एक वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 66वें प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 120 सैन्य एवं गैर सैन्य अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
इसी क्रम में 15 सदस्यीय अध्ययन दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचा है, जिसमें 5 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। दौरे के दौरान दल ने नया रायपुर, कांकेर के जंगल वारफेयर कॉलेज, कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर क्षेत्र, चित्रकोट जलप्रपात, कोंडागांव शिल्पग्राम तथा भिलाई स्टील प्लांट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कर प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
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