जशपुर, 16 फरवरी 2026।जिले के थाना नारायणपुर क्षेत्र में पारिवारिक जमीन विवाद ने भयावह रूप ले लिया। जमीन बिक्री में हिस्से की राशि मांगने को लेकर हुए विवाद के दौरान पिता ने अपने ही बेटे पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश कर दी। इस घटना में युवक गंभीर रूप से झुलस गया, जिसका इलाज अंबिकापुर स्थित होलीक्रॉस अस्पताल में जारी है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पिता, माता और भाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
🔎 क्या है पूरा मामला?
प्रार्थिया कामना भगत (25 वर्ष), निवासी नारायणपुर, ने 15 फरवरी 2026 को चौकी होलीक्रॉस अस्पताल, अंबिकापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, दो वर्ष पूर्व आरोपी शिवशंकर यादव द्वारा जमीन की बिक्री की गई थी। जमीन की बिक्री से प्राप्त राशि में से उनके पति कौशल यादव (30 वर्ष) अपने हिस्से की मांग कर रहे थे।
बताया गया कि 13 फरवरी 2026 को इसी बात को लेकर परिवार में विवाद बढ़ गया। आरोप है कि शिवशंकर यादव (55 वर्ष), उनकी पत्नी चन्द्रमुनी भगत (47 वर्ष) तथा पुत्र अंकुश यादव (27 वर्ष) ने एक राय होकर कौशल यादव के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।
इसी दौरान पिता शिवशंकर यादव ने कथित रूप से अपने पुत्र पर पेट्रोल छिड़ककर माचिस जला दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। घायल अवस्था में उसे तत्काल अंबिकापुर के होलीक्रॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
⚖️ पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना पर प्रारंभिक रूप से चौकी होलीक्रॉस अस्पताल में बिना नंबर अपराध पंजीबद्ध किया गया। चूंकि घटना थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत की थी, इसलिए प्रकरण अग्रिम विवेचना के लिए थाना नारायणपुर को प्रेषित किया गया।
थाना नारायणपुर में अपराध क्रमांक 15/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1) एवं 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने एवं अपराध स्वीकार किए जाने के पश्चात 16 फरवरी 2026 को—
शिवशंकर यादव (पिता)
चन्द्रमुनी भगत (माता)
अंकुश यादव (भाई)
को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
👮♂️ इनकी रही अहम भूमिका
मामले की विवेचना और आरोपियों की गिरफ्तारी में सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर, प्रधान आरक्षक पुरनचंद पटेल, महिला आरक्षक अल्पना तिर्की, आरक्षक कुलदीप खलखो एवं अशोक कंसारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
⚠️ सामाजिक संदेश
पारिवारिक विवादों का समाधान संवाद से संभव है, हिंसा से नहीं। छोटी-सी आर्थिक असहमति ने एक परिवार को गंभीर संकट में डाल दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




















