जशपुर, 2 मार्च 2026। जिले की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण को लेकर आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला पुरातत्व समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने की, जिसमें जिले के विभिन्न विकासखंडों में स्थित प्राचीन स्थलों के संरक्षण और सूचीबद्ध करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में चिन्हांकित पुरातात्विक स्थलों की विस्तृत सूची तैयार की जाए। यह जानकारी संबंधित विभागों को भेजी जाएगी, ताकि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में ठोस पहल की जा सके।
विधायक श्रीमती रायमुनि भगत ने जशपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले कुछ प्रमुख स्थलों—ग्वालिन, सन्ना, देवकोना और तमता आदि—को भी पुरातात्विक धरोहर के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया। इन स्थलों की ऐतिहासिक महत्ता पर भी चर्चा की गई।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जशपुर विकासखंड के चिन्हांकित पुराने मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही समिति के सदस्यों को निर्देशित किया गया कि वे स्थलों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर उनकी विशेषताओं और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का संकलन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में प्राचीन धरोहरें स्थित हैं, वहां से प्रस्ताव प्राप्त कर उन स्थलों के संरक्षण और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों—खुड़िया रानी, भैरव पहाड़ मंदिर और रानी कम्बो आदि—पर भी विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने इन स्थलों के विकास और संरक्षण को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
जिले की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।




















