जशपुरनगर 08 दिसंबर 2025/ जिले में 25 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक चल रहे लिंग आधारित हिंसा उन्मूलन जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संकल्प स्कूल जशपुर में ‘‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’’ योजना के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम नवा बिहान, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं को लिंग आधारित हिंसा के बढ़ते स्वरूप, घरेलू हिंसा, साइबर प्रताड़ना, स्टॉकिंग, मानसिक उत्पीड़न, शारीरिक हिंसा एवं विद्यालय/सामाजिक परिवेश में घटित होने वाली संवेदनशील घटनाओं के उदाहरणों के माध्यम से जागरूक करने से हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे ऐसी घटनाओं को पहचानें, किस तरह तुरंत सहायता प्राप्त करें और कौन-कौन से प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। छात्राओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया का प्रदर्शन कर विस्तार से समझाया गया। इसमें थाना, महिला डेस्क, सखी वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर शिकायत पोर्टल के उपयोग से लेकर ई – एफआईआर, नागरिक सुविधा पोर्टल, तथा महिला सुरक्षा ऐप जैसी सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। उक्त जागरूकता कार्यक्रम में नवा बिहान से संरक्षण अधिकारी, सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर, सहयोगी कर्मचारी, शिक्षण स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को न केवल जानकारी देना, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना रहा।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने हिंसा के प्रकार, कारण, पहचान के संकेत और उसके निराकरण पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को बताया कि हिंसा की किसी भी स्थिति में महिला को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने हेतु वन स्टॉप सेंटर किस प्रकार कानूनी सहायता, चिकित्सीय सुविधा, काउंसलिंग एवं सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराता है। साथ ही पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून, साइबर सुरक्षा नियम, तथा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों के प्रावधानों को भी सरल भाषा में समझाया गया।
प्रतिभागियों को प्रिंटेड सूचना सामग्री व हेल्पलाइन विवरण भी वितरित किए गए, ताकि वे अपने परिवार व समुदाय में इन जानकारियों का प्रसार कर सकें। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विशेषज्ञों ने उन्हें स्व-सम्मान, कानूनी अधिकारों और सुरक्षित वातावरण के महत्व पर प्रेरित किया।




