जशपुर: सन्ना में खुली पहली सरकारी देशी-विदेशी शराब की दुकान — पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में शुभारंभ…!

सन्ना, जशपुर — 8 जनवरी 2026 / जशपुर जिले के सन्ना में आज एक ऐतिहासिक दिन रहा — यहाँ पहली बार सरकारी देशी-विदेशी मदिरा दुकान का शुभारंभ हुआ। इस दुकान का उद्घाटन पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में किया गया।
यह सन्ना और आसपास के पूरे पाठ क्षेत्र के लिए पहली आधिकारिक शराब की दुकान है। अब यहाँ के लोग सरकारी दर पर, सुरक्षित और कानूनी तरीके से शराब खरीद सकेंगे।
✅ क्या खास है?
– पहली सरकारी शराब दुकान — पहले यहाँ महुआ शराब की अवैध बिक्री होती थी।
– पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में उद्घाटन — कानून-व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित।
– स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव — महुआ शराब बेचने वालों की संख्या में कमी आने की संभावना।

🧑‍💼 अधिकारियों ने क्या कहा?
> “यह कदम लोगों को सुरक्षित और नियंत्रित शराब उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है। इससे महुआ शराब बेचने वालों की संख्या में कमी आएगी, जो स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अच्छा है।” — स्थानीय प्रशासन अधिकारी

🔄 क्या बदलेगा?
– अवैध शराब की जगह अब सरकारी दुकान से शराब मिलेगी।
– कीमतें नियंत्रित होंगी, गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
– महुआ शराब बेचने वाले लोग अब सरकारी दुकान के कर्मचारी बन सकते हैं — सरकार ने इसके लिए प्रशिक्षण की योजना बनाई है।

गांव के पास सरकारी शराब दुकान खुलने से कई जगहों पर महिला संगठनों ने विरोध किया है — उनका कहना है कि इससे घरेलू हिंसा, नशे की लत और बच्चों पर बुरा असर पड़ता है।

🛡️ सरकारी शराब दुकान क्यों खोलती है सरकार? — सुरक्षा, नियंत्रण और विकास के लिए

सरकार शराब बेचने के लिए दुकान नहीं खोलती — बल्कि लोगों की जान बचाने, समाज को सुरक्षित रखने और विकास के लिए पैसा जुटाने के लिए ऐसा करती है। समझिए आसान भाषा में:

1. जहरीली महुआ शराब से बचाव
महुआ से बनने वाली कच्ची शराब अक्सर जहरीली होती है — कई बार पीने से आंखों की रोशनी जाती है, या जान भी चली जाती है।
→ सरकारी दुकान से मिलने वाली शराब टेस्ट की हुई, मानक वाली और सुरक्षित होती है।

2. राजस्व = विकास
हर लीटर शराब पर सरकार टैक्स लेती है — यह पैसा स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य विकास कार्यों में लगता है।
→ अवैध शराब बेचने वाले कोई टैक्स नहीं देते — सरकार को नुकसान होता है।

3. नियंत्रण = शांति
सरकारी दुकानें तय समय पर खुलती-बंद होती हैं।
→ नशे में घरेलू हिंसा, दुर्घटना या अपराध कम होते हैं।
→ बच्चों, महिलाओं या संवेदनशील इलाकों में शराब बेचना प्रतिबंधित होता है।

4. रोजगार के नए अवसर
महुआ शराब बेचने वाले लोगों को सरकारी दुकान में काम करने का मौका मिल सकता है — उन्हें ट्रेनिंग देकर रोजगार दिया जाता है।
→ अवैध धंधा बंद होने से समाज में शांति बढ़ती है।

5. स्वास्थ्य और सुरक्षा की गारंटी
सरकारी शराब पर लेबल होता है — क्या है, कितना है, कैसे पीना है — सब लिखा होता है।
→ कच्ची शराब से होने वाली बीमारियों और मौतों में कमी आती है।

📌 सरल शब्दों में:
> सरकार शराब बेचने नहीं देती — बल्कि सुरक्षित, नियंत्रित और टैक्स वाली शराब देती है। ताकि लोगों की जान न जाए, पैसा सरकार के पास आए, और समाज सुरक्षित रहे।
क्या आप जानना चाहेंगे — सन्ना की दुकान पर कौन सी ब्रांड मिलेंगी? या क्या महुआ शराब पूरी तरह बंद हो जाएगी?

Please Share With Your Friends Also

संवाद छत्तीसगढ़ न्यूज़ पोर्टल बदलते भारत की सबसे विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है। सबसे सटिक और सबसे तेज समाचार का अपडेट पाने के लिए जुडिए हमारे साथ" टीम :- Samvad Chhattisgarh

Leave a comment