जशपुर, 09 अप्रैल 2026। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि एवं तेज हवाओं ने उद्यानिकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण जहां फसलों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, वहीं किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार फरसाबहार, बगीचा एवं पत्थलगांव क्षेत्रों में 35 से 40 प्रतिशत तक फसल नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
ओलों की मार और बढ़ती नमी के कारण फसलों के सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे किसानों की चिंता और गहरा गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे आगामी खरीफ और रबी सीजन में अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं और वर्तमान स्थिति में फसलों को बचाने के लिए फंगीसाइड का छिड़काव करें।
विशेषज्ञों के अनुसार बदलती जलवायु परिस्थितियों के चलते केवल बेसिक बीमा पर्याप्त नहीं रह गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ऐड-ऑन (Add-On) कवर लेना अब किसानों के लिए आवश्यक होता जा रहा है। ऐड-ऑन कवर के माध्यम से ओलावृष्टि जैसी स्थानीय आपदाओं से भी अलग से सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है, जो सामान्य बीमा में शामिल नहीं होती।
कम प्रीमियम में अधिक सुरक्षा प्रदान करने वाले इस विकल्प के जरिए किसान अपनी पूरी लागत को सुरक्षित कर सकते हैं। सहायक संचालक उद्यान जशपुर ने किसानों से विशेष आग्रह करते हुए कहा है कि वे केवल भाग्य के भरोसे न रहें, बल्कि फसल बीमा में ऐड-ऑन कवर अवश्य लें, ताकि इस तरह की अनिश्चित प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके।




















