जशपुरनगर, 12 अप्रैल 2026। भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा ग्रीष्म ऋतु में तीव्र गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए लू (तापघात) से बचाव और पूर्व-तैयारी के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
लू के दौरान सिर में भारीपन, तेज बुखार, मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, पसीना न आना, भूख कम लगना तथा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडे पानी की पट्टी करना, तरल पेय देना, शरीर पर ठंडा पानी छिड़कना और शीघ्र नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना आवश्यक है। अत्यधिक गर्मी में शरीर में पानी और नमक की कमी मुख्य कारण बताई गई है। इसलिए अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, सिर व कान ढकने, सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस का उपयोग करने तथा दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप से बचने की सलाह दी गई है।
नागरिकों से घरों को ठंडा रखने, पर्दों और पंखों का उपयोग करने, बीमारी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने और पशुओं को पर्याप्त छाया व पानी उपलब्ध कराने की अपील की गई है। नियोक्ताओं को मजदूरों के लिए ठंडा पानी, शेड, समय-सारणी में बदलाव तथा विश्राम अवधि बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान ठंडे जैकेट, पर्याप्त पानी, सनग्लास और सनस्क्रीन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों से घर में रहने, भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने और किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने का आग्रह किया गया है।
राज्य स्तर पर सरकार नोडल अधिकारी नियुक्त कर लू की स्थिति की समीक्षा करेगी। सार्वजनिक स्थानों पर वाटर एटीएम व पेयजल व्यवस्था, मनरेगा कार्य समय में परिवर्तन और छाया स्थलों के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर जागरूकता अभियान, प्याऊ केंद्रों की स्थापना तथा अस्पतालों में बिजली-पानी की व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नगरीय निकायों को बेघर व जोखिमग्रस्त समूहों की पहचान कर पानी व अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने, शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने तथा ताप कम करने वाले उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लू प्रभावितों की जांच, ओआरएस की उपलब्धता और 108-104 सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करने को कहा गया है। श्रम विभाग बाहरी कार्यों के समय में बदलाव, मजदूरों को आइस पैक उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। पशु चिकित्सा विभाग पशुओं के लिए पानी, चारा, दवाइयों और ग्राम स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करेगा।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य स्तरीय डैशबोर्ड तैयार कर संदेश प्रसारित करेगा। परिवहन विभाग बस स्टैंडों पर प्राथमिक उपचार एवं समय परिवर्तन सुनिश्चित करेगा। शिक्षा विभाग स्कूलों में पेयजल, ओआरएस और समय परिवर्तन लागू करेगा। मनरेगा स्थलों पर पानी और छाया की व्यवस्था, वन विभाग द्वारा हरियाली बढ़ाने, वन-अग्नि की रोकथाम और वन्यजीवों के लिए जलस्रोत उपलब्ध कराए जाएंगे। पर्यटन विभाग तीर्थस्थलों पर छाया व पानी की व्यवस्था करेगा तथा अग्निशमन विभाग आग नियंत्रण हेतु उपकरणों की उपलब्धता व कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित करेगा।
सरकार ने नागरिकों, मजदूरों, वरिष्ठजनों और पशुओं को लू से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए सभी विभागों को सतर्क और तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।




















