जशपुर, 11 फरवरी 2026। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के संदर्भ में चल रहे निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आज जिला कार्यालय जशपुर के सभाकक्ष में संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सरगुजा संभाग के संभाग आयुक्त एवं रोल ऑब्जर्वर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने की।
बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास, उपायुक्त सरगुजा संभाग श्रीमती शारदा अग्रवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री हरिओम द्विवेदी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री नन्दजी पाण्डेय सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति पर समीक्षा
बैठक के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत प्रगति प्रस्तुत की गई। बताया गया कि गणना पत्रक भरने की अवधि 4 नवंबर 2025 से 18 दिसंबर 2025 तक निर्धारित थी, जबकि 23 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया। दावा-आपत्तियों की सुनवाई 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक संपन्न हुई और 14 फरवरी 2026 तक निराकरण की कार्यवाही जारी रहेगी। अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है।
जिले में कुल 2,10,934 लॉजिकल एरर चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 11 फरवरी 2026 तक 2,10,690 का निराकरण कर सुनवाई पूर्ण कर ली गई है। दावा-आपत्ति अवधि में फॉर्म 06 के 10,505, फॉर्म 07 के 346 तथा फॉर्म 08 के 2,008 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से फॉर्म 06 के 5,036, फॉर्म 07 के 85 और फॉर्म 08 के 778 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। शेष मामलों पर कार्यवाही प्रगति पर है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर जोर
रोल ऑब्जर्वर श्री दुग्गा ने 29 जनवरी 2026 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुपालन पर विशेष चर्चा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता पंजीयन से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदाता सूची के परीक्षण में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की, ताकि पारदर्शी, त्रुटिरहित एवं विश्वसनीय निर्वाचक नामावली तैयार की जा सके।
अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक का समापन किया गया। यह समीक्षा बैठक निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सहभागी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।











