शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों को संतृप्त करने के उद्देश्य से जशपुर जिले में सुशासन शिविरों का व्यापक आयोजन किया जा रहा है। जिले के सभी विकासखंडों के चयनित क्लस्टर ग्राम पंचायतों में यह शिविर 6 फरवरी से 27 फरवरी तक आयोजित होंगे।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत कुल 32 ग्राम पंचायतों में सुशासन शिविर लगाए जाएंगे, जबकि जिला स्तरीय सुशासन शिविर 11 फरवरी 2026 को ग्राम पंचायत बोखी में आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों के माध्यम से शासन सीधे जनता के द्वार तक पहुँचेगा।
सुशासन शिविरों में आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, व्यक्तिगत शौचालय, मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र, नामांतरण-बंटवारा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नल-जल योजना सहित अनेक सेवाओं के लिए आवेदन लेकर त्वरित निराकरण किया जाएगा।
तिथि अनुसार ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन
06 फरवरी 2026 – चराईडांड, बड़ाबनाई, कोदोपारा, तिरसोठ
09 फरवरी 2026 – खटंगा, इचोली, चंद्रपुर, जुरतेला
13 फरवरी 2026 – बासुदेवपुर, फुलझर, पिलखी, पंगसुवा
16 फरवरी 2026 – लोरो, खुटगांव, मुड़ापारा, नन्हेसर, पुत्रीचौरा
20 फरवरी 2026 – भंडरी, भेलवां, करडीह, बटईकेला
23 फरवरी 2026 – खरवाटोली, बम्हनमारा, गिद्धा, नकबार
26 फरवरी 2026 – केराडीह, खारपानी, करदना
27 फरवरी 2026 – जोकारी, कोहपानी, सागीभावना, सोनक्यारी
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा विकासखंड स्तरीय सुशासन शिविरों के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पत्थलगांव, फरसाबहार, जशपुर, बगीचा एवं कुनकुरी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिविरों में तहसीलदार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन विभाग, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, महिला-बाल विकास, खाद्य, पशुपालन, रेशम विभाग सहित पंचायत अमला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एनआरएलएम, कोटवार एवं पटवारी मौजूद रहेंगे।
कलेक्टर श्री व्यास ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों का सफल आयोजन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक शिविर के पश्चात पालन प्रतिवेदन कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए। जिला प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे और योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुँचे।
























