जशपुर: अब पंचायत में ही होंगे फौती नामांतरण… तहसील के चक्कर से मिलेगी राहत ,सुशासन शिविर में कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा अविवादित फौती नामांतरण पंचायत स्तर पर होंगे निराकृत… पढ़िए विस्तार से

जशपुर, 11 फरवरी 2026। जिले में शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंचायत बोखी में जिला स्तरीय सुशासन शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रस्तुत कीं।

शिविर में ग्रामीणों से कुल 94 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका संबंधित विभागों द्वारा यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया गया। विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया।

पंचायत स्तर पर ही होगा नामांतरण

शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि सभी पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो। उन्होंने घोषणा की कि अब अविवादित फौती नामांतरण एवं आपसी सहमति से खाता बंटवारे के प्रकरण पंचायत स्तर पर ही निराकृत किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

इसके लिए पटवारियों को ग्रामीण सचिवालय के दिन गांव में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऐसे प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

विभिन्न योजनाओं से हितग्राही लाभान्वित

शिविर में पीएम आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, ट्राइसिकल, हैंडस्टिक, केसीसी कार्ड, सिंचाई पम्प, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, फसल बीज एवं मछली जाल का वितरण किया गया। मौके पर आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत अन्नप्राशन एवं गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी संपन्न कराई गई।

कुपोषण मुक्ति और आजीविका पर जोर

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को नियमित भेजने की अपील की। उन्होंने बताया कि फरसाबहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) संचालित है, जहां गंभीर कुपोषित बच्चों को 15 दिनों तक रखकर उपचार किया जाता है तथा उनकी माताओं को 150 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाता है।

कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने किसानों से शत-प्रतिशत केसीसी कार्ड बनवाने, पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम में भाग लेने और गांव के तालाबों व डबरियों का उपयोग मछली पालन के लिए करने की अपील की। साथ ही आयुष्मान भारत, वय वंदना योजना एवं पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्री वेदप्रकाश भगत, एसडीएम, तहसीलदार, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। प्रशासन ने आश्वस्त किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

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