जशपुरनगर, 1 मार्च 2026। परंपरागत खेती पद्धति को छोड़ उन्नत तकनीकी विधि अपनाने से जिले के किसानों को गेहूं उत्पादन में उल्लेखनीय लाभ मिल रहा है। शासन की योजनाओं और कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से किसान अब कम लागत में अधिक उपज प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित खेती के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ उन्नत बीज, तकनीकी सलाह और फसल प्रबंधन संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
इसी कड़ी में फरसाबहार विकासखंड के ग्राम बोखी के 60 वर्षीय कृषक गणेश राम यादव ने इस वर्ष एसएमएसपी योजना के तहत 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में उन्नत तकनीकी विधि से गेहूं की जीडब्ल्यू-322 किस्म की बुवाई की। पूर्व में वे परंपरागत पद्धति से खेती करते थे, जिससे प्रति एकड़ मात्र 4 से 5 हजार रुपये की शुद्ध आय होती थी।
उन्नत विधि अपनाने के बाद उन्हें प्रति एकड़ लगभग 7 क्विंटल उपज प्राप्त हुई और शुद्ध आय बढ़कर 16 हजार रुपये तक पहुंच गई। उत्पादन और आय में इस उल्लेखनीय वृद्धि ने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई राह दिखाई है।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती शशिप्रभा भोय ने बताया कि क्षेत्र के किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराकर आधुनिक खेती तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गणेश राम यादव की फसल प्रदर्शन को देखकर अन्य किसान भी आगामी वर्ष में उन्नत तकनीकी विधि से गेहूं की खेती करने के लिए उत्साहित हैं।
स्वयं गणेश राम यादव ने भी आगामी सीजन में अधिक रकबे में उन्नत तकनीक से गेहूं की खेती करने और अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने की बात कही है।




















