सरगुजा संभाग, अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं के लिए भी जाना जाता है। यहां के युवाओं में खेलों के प्रति स्वभाविक रुचि, शारीरिक क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक जज्बा विद्यमान है। इसी क्षमता को पहचानकर उन्हें खेल की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन आदिवासी अंचल के युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सशक्त अवसर प्रदान करेगा।
विकासखंड स्तरीय आयोजन (28 जनवरी से 3 फरवरी)
संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण छत्तीसगढ़ के आदेशानुसार सरगुजा संभाग के सभी जिलों में विकासखंड स्तरीय आयोजन शुरू हो गए हैं। जशपुर जिले में भी इसी अवधि में प्रतियोगिताएँ आयोजित हो रही हैं। इसमें जूनियर वर्ग (14–17 वर्ष, बालक/बालिका) और सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक, महिला/पुरुष) के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया के माध्यम से जिले में 56 हजार से अधिक खिलाड़ी इस खेल महाकुंभ में शामिल हो रहे हैं।
12 खेल विधाओं में मुकाबला
सरगुजा ओलंपिक 2025-26 में कुल 12 खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं। व्यक्तिगत खेलों में एथलेटिक्स (100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवेलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती और कराटे शामिल हैं। दलीय खेलों में फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी और बास्केटबॉल के मुकाबले होंगे। इन प्रतियोगिताओं में सरगुजा संभाग के सभी जिलों के प्रतिभागी शामिल हैं।
जशपुर जिले के आठ विकासखंडों से रिकॉर्ड सहभागिता
जशपुर जिले के आठों विकासखंडों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इसमें कांसाबेल से 5,324, कुनकुरी से 10,185, जशपुर से 6,492, दुलदुला से 4,592, पत्थलगांव से 12,858, फरसाबहार से 6,397, बागीचा से 6,764 और मनोरा से 4,336 खिलाड़ी शामिल हैं। कुल मिलाकर 56,948 खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
खेलों से आत्मविश्वास और पहचान
सरगुजा ओलंपिक केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि आदिवासी अंचल के युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम है। इस आयोजन से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होंगे। सरगुजा ओलंपिक 2025-26 जशपुर सहित पूरे संभाग के लिए खेल संस्कृति को सशक्त करने और नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा।
























