जशपुर का जतरा मेला: इतिहास रचा! — 40 लाख 2 हजार में नीलाम, अब तक की सबसे बड़ी बोली –

जशपुरनगर, 8 जनवरी 2026 — जशपुर नगरपालिका परिषद द्वारा आयोजित वार्षिक जतरा मेला की नीलामी ने इस बार एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। बुधवार को नगरपालिका परिषद के सभागार में पारदर्शी तरीके से संपन्न नीलामी प्रक्रिया में 40 लाख 2 हजार रुपए की सर्वाधिक बोली लगाई गई — जो अब तक के इतिहास में सबसे अधिक है!

कैसे हुआ रिकॉर्ड?

न्यूनतम बोली मूल्य: 31 लाख 7 हजार रुपए निर्धारित किया गया था।
बोलीदारों की संख्या: कुल 9 बोलीदारों ने भाग लिया — सभी स्थानीय व्यापारी, ठेकेदार एवं मेला आयोजक।
बोली की प्रक्रिया: बोली क्रमशः बढ़ती गई — 31 लाख 07 हजार से शुरू होकर 35 लाख, 37 लाख 50 हजार, 38 लाख 75 हजार, 39 लाख 50 हजार और अंततः 40 लाख 2 हजार रुपए पर जाकर रुकी।
विजेता: श्री आशित राम (जशपुर नगर के प्रमुख व्यवसायी एवं पिछले 3 वर्षों से मेला ठेकेदार) ने अंतिम बोली लगाई।
अन्य बोलीदारों ने आगे बोली नहीं बढ़ाई → नीलामी संपन्न!

अतिरिक्त भुगतान:

नीलामी शर्तों के अनुसार, मेला ठेकेदार को नीलामी से निर्धारित राशि के अतिरिक्त गौशाला मद में भी भुगतान करना होता है।

नीलामी राशि: 40,02,000 रुपए
गौशाला मद (जशपुर नगरपालिका के विकास फंड में): 9,00,000 रुपए
टोटल भुगतान नगरपालिका को: 49,02,000 रुपए

यह राशि पिछले वर्ष की नीलामी (32,50,000) से लगभग 17 लाख रुपए अधिक है।

उपस्थिति:

नीलामी में निम्नलिखित प्रमुख लोग उपस्थित रहे:

नगरपालिका अध्यक्ष — श्रीमती रीना देवी
सभी 15 वार्डों के पार्षद
नगरपालिका मुख्य कार्यकारी अधिकारी — श्री अनिल कुमार शर्मा
नगरपालिका सचिव — श्री विनोद कुमार
पुलिस अधीक्षक प्रतिनिधि — इंस्पेक्टर राजेश सिंह
9 बोलीदार (जिनमें से 5 ने सक्रिय रूप से बोली लगाई)

क्यों खास है ये नीलामी?

जशपुर के जतरा मेला की नीलामी हमेशा से एक महत्वपूर्ण आर्थिक आयोजन रहा है। इस बार की बोली ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नगरपालिका अधिकारियों के अनुसार:

यह रिकॉर्ड बोली नगरपालिका की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी और इससे नगर विकास कार्यों को और गति मिलेगी। इससे सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार के लिए फंड उपलब्ध होगा।

जतरा मेला — जशपुर की पहचान!

जशपुर का जतरा मेला सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक महोत्सव है। यह मेला हर साल हजारों लोगों को आकर्षित करता है और स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और कारीगरों के लिए आय का स्रोत बनता है।

इस मेले में शामिल होते हैं:

स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पाद
खाने-पीने के स्टॉल
सांस्कृतिक कार्यक्रम — लोक नृत्य, गीत, नाटक
बच्चों के लिए खेल और मनोरंजन
धार्मिक कार्यक्रम — जतरा पूजा, फूलों की वर्षा, रथ यात्रा

मेले की तारीखें:

जतरा मेला 2026 का आयोजन 15 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक किया जाएगा।

इस बार के आकर्षण:

150+ स्टॉल (खाने-पीने, कपड़े, हस्तशिल्प, इलेक्ट्रॉनिक्स)
फ्री हेल्थ कैंप और चैकअप कैंप
बच्चों के लिए झूले और गेम्स
सांस्कृतिक संध्या — स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुति
फायरवर्क्स और लेजर शो

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