रायपुर, 12 मार्च 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। कम ब्याज दर पर ऋण और कौशल विकास के अवसर मिलने से ग्रामीण महिलाएं खेती, पशुपालन, सिलाई और आधार से जुड़ी सेवाओं जैसी गतिविधियों के माध्यम से आजीविका के नए रास्ते बना रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आय बढ़ रही है, बल्कि वे सामाजिक रूप से भी सशक्त बन रही हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं। सही अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिलने पर महिलाएं अपने जीवन के साथ-साथ पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के ग्राम दुधाशी की निवासी श्रीमती संगीता सिंह की कहानी भी महिला सशक्तिकरण की ऐसी ही प्रेरक मिसाल है, जिन्होंने अपने परिश्रम और आत्मविश्वास से नई पहचान बनाई है।
बीसी सखी के रूप में की शुरुआत
संगीता सिंह ने वर्ष 2021 में बीसी सखी के रूप में अपने कार्य की शुरुआत की। उनके माध्यम से गांव के लोगों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलने लगा। पहले जहां ग्रामीणों को पैसे निकालने या बैंकिंग से जुड़े कार्यों के लिए शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाना पड़ता था, वहीं अब यह सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचने लगा।
स्वयं सहायता समूह से मिली आर्थिक मजबूती
संगीता सिंह बताती हैं कि उन्होंने बिहान योजना के अंतर्गत अपने स्वयं सहायता समूह से 68 हजार रुपये का ऋण लिया था। इसी आर्थिक सहयोग से उन्होंने बीसी सखी के रूप में अपना कार्य शुरू किया। शुरुआत में कई चुनौतियां आईं, लेकिन मेहनत और लगन से उन्होंने धीरे-धीरे गांव के लोगों का भरोसा जीत लिया। आज ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं के लिए उन पर विश्वास के साथ निर्भर हैं।
उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला आधार किट
संगीता सिंह के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए जिला प्रशासन ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी। आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आधार सेवाओं के विस्तार के लिए जिले में पांच नए आधार केंद्र खोले जा रहे हैं। इसी पहल के तहत उन्हें लैपटॉप सहित आधार किट प्रदान की गई। जिला प्रशासन की ओर से ईडीएम श्री नारायण केवर्त ने उन्हें यह किट सौंपा।
अब गांव में ही मिलेंगी आधार सेवाएं
आधार किट मिलने के बाद संगीता सिंह अब अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को नया आधार पंजीयन, आधार अपडेट और अन्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
संगीता सिंह की सफलता पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी मेहनत और आत्मनिर्भरता यह साबित करती है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
जिला प्रशासन की यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को भी मजबूत कर रही है। संगीता सिंह जैसी महिलाएं आज ग्रामीण भारत में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं और यह संदेश दे रही हैं कि आत्मविश्वास, परिश्रम और अवसर मिल जाए तो कोई भी महिला अपने सपनों को साकार कर सकती है।




















