जिले में चल रहे निर्माण कार्य अब न तो बंद कमरों में तय होंगे और न ही केवल फाइलों तक सीमित रहेंगे। जशपुर जिला प्रशासन ने डिजिटल पारदर्शिता और जनभागीदारी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘निर्माण जशपुर पोर्टल’ की शुरुआत की है।
इस पोर्टल के जरिए आम नागरिक देख सकेंगे कि जिले में कहां, किस योजना के तहत, कितनी लागत से और किस स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है। यह पहल जिले को डिजिटल गवर्नेस का मॉडल बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास मानी जा रही है।
नागरिक देंगे सुझाव प्रशासन करेगा सुधार निर्माण जशपुर पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आम नागरिक इसमें अपने सुझाव और राय भी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। यदि कहीं निर्माण की आवश्यकता है या चल रहे कार्य में कोई समस्या नजर आती है, तो नागरिक सीधे पोर्टल के माध्यम से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों का पूरा डेटा एक केंद्रीकृत डिजिटल डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगा।
जियो-टैग फोटो से खुलेगी जमीनी सच्चाई… हर निर्माण कार्य की प्रगति को पोर्टल पर जियो-टैग फोटो और इंजीनियरों की तकनीकी टिप्पणियों के साथ अपलोड किया जाएगा। साफ दिखाई देगा कि काम वास्तव में जमीन पर कहां तक पहुंचा है।
कागजी रिपोर्ट और वास्तविक स्थिति के अंतर को खत्म करने की दिशा में यह अहम कदम है।
डिजिटल गवर्नेस की दिशा में नई पहचान कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि निर्माण जशपुर पोर्टल का उद्देश्य जिले के सभी निर्माण कार्यों को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। अब आम नागरिक यह देख सकेंगे कि उनके क्षेत्र में कौन-सा काम चल रहा है और उसकी प्रगति क्या है। साथ ही, नागरिकों से मिलने वाले सुझाव और फीडबैक के आधार पर कार्यों में सुधार भी किया जाएगा। यह पोर्टल जशपुर को डिजिटल गवर्नेस की दिशा में एक नई पहचान देगा।




