जशपुर: भारत की जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर जिले में प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिला कार्यालय के सभा कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। कलेक्टर रोहित व्यास ने प्रशिक्षण के दौरान सभी अधिकारियों को जनगणना कार्य को गंभीरता से लेने और आवश्यक जानकारियों को सही ढंग से अपडेट करने के निर्देश दिए।
गृह मंत्रालय के जनगणना कार्य निर्देशालय, रायपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण में जिला स्तर के जिला जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, नगर जनगणना अधिकारी तथा जनगणना लिपिकों को जनगणना की प्रक्रिया और जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण सत्र में राज्य स्तर के संयुक्त निर्देशक दीपक गोदे, जिला समन्वयक चतर सिंह तोमर तथा राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर वैद्यनाथ कुमार अधिकारियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। प्रशिक्षण में डिजिटल टूल्स के उपयोग, चार्ज अधिकारी, प्रगणक और पर्यवेक्षक की भूमिका तथा जनगणना कार्य के संचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने कहा कि जनगणना देश की महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, इसलिए इसके दौरान एकत्र की जाने वाली सभी जानकारियां पूरी सावधानी और सटीकता के साथ दर्ज की जानी चाहिए।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी प्रशांत कुमार कुशवाहा, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी मनीष कुमार मिश्रा (उप संचालक जिला योजना एवं सांख्यिकी), सभी अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, तहसीलदार चार्ज अधिकारी, नगर जनगणना अधिकारी और संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
बताया गया कि भारत की यह जनगणना वर्ष 1872 से सोलहवीं तथा स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। वर्ष 2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप के जरिए की जाएगी।
जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच लगभग 30 दिनों की अवधि में पूरा किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या की गणना कराई जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी बताया गया कि मोबाइल एप के माध्यम से मकानों और जनसंख्या का विवरण दर्ज किया जाएगा तथा गणना ब्लॉक की सीमाओं को जीपीएस से चिन्हित किया जाएगा। इसके साथ ही सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से जिला, तहसील और नगरीय स्तर पर फील्ड कार्य की निगरानी और प्रगति का अवलोकन किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले के प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से संचालित की जाएगी, ताकि कोई भी क्षेत्र या आबादी जनगणना से छूट न पाए।




















