जशपुरनगर, 08 जुलाई 2025/ एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से आज कलेक्टोरेट मंत्रणा कक्ष में जिला स्तरीय सर्वेक्षण दल का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य डिजिटल फसल सर्वेक्षण की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी देना था, जिससे सर्वेक्षण कार्य में पारदर्शिता एवं सटीकता सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षण में राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं कृषि विभाग, हार्टिकल्चर, मत्स्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
प्रशिक्षण में जिला नोडल अधिकारी श्री विष्णु गुप्ता,मास्टर ट्रेनर श्री चंद्रविजय साय एवं श्री हीरा प्रधान के द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सर्वेक्षण के विभिन्न चरणों, मोबाइल ऐप्लिकेशन के उपयोग, खेत की जीआईएस आधारित मैपिंग, फसल की वास्तविक स्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया एवं फील्ड डाटा एंट्री से जुड़ी तकनीकी जानकारियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस परियोजना की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण से शासन को वास्तविक फसल आँकड़ों की उपलब्धता होगी, जिससे किसानों के हित में योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी रूप से पहुँच सकेगा।
प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि ग्रामवासी जो दसवीं पास आहर्ता रखता हो, जिसके पास स्वयं का 5G एंड्राइड मोबाइल फोन और नेट की सुविधा हो। वह अपने सुपरवाइजर हल्का पटवारी से सर्वेवर के रूप में नियुक्त होने के लिए संपर्क कर सकते हैं। प्रत्येक ग्राम में सर्वेवर गिरदावरी का कार्य डिजिटल तरीके से किया जाएगा एवं प्रत्येक खसरे के लिए १० रुपए मानदेय के रूप में उन्हें दिया जाएगा।




