रायपुर, 24 फरवरी 2026/ वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में छत्तीसगढ़ शासन ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए व्यापक प्रावधान किए हैं। सरकार ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहतर इलाज, आधुनिक सुविधाएं और चिकित्सा शिक्षा के विकास पर विशेष जोर दिया है।
आयुष्मान और स्वास्थ्य योजनाओं को बल
शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत शासकीय एवं गैर-शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क उपचार सुविधा के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2000 करोड़ रुपये।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना हेतु 183 करोड़ रुपये।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए 120 करोड़ रुपये।
पीएम-एबीएचआईएम (PM ABHIM) के अंतर्गत 190 करोड़ रुपये का प्रावधान।
मितानिन कल्याण निधि के लिए 350 करोड़ रुपये निर्धारित।
नई सुविधाएं और विस्तार
राजधानी में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज प्रारंभ किया जाएगा। इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण लैब के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मेकाहारा रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में उपकरण, अतिरिक्त बिस्तर, आधुनिक उपचार और एआई आधारित तकनीक के उपयोग के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
रायपुर एवं राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज तथा आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में इंटर्न्स हॉस्टल निर्माण हेतु 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जिला और ग्रामीण स्तर पर मजबूती
राज्य कैंसर संस्थान बिलासपुर में स्थापित किया जाएगा। 25 से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्र (SHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के भवनों का निर्माण किया जाएगा।
220 बिस्तर जिला चिकित्सालय अंबिकापुर
200 बिस्तर जिला चिकित्सालय धमतरी
200 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल कालीबाड़ी, रायपुर
200 बिस्तर जिला अस्पताल चिरमिरी
इन सभी के लिए भवन निर्माण एवं सेटअप का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र दुर्ग, कोण्डागांव, जशपुर एवं रायपुर में भवन निर्माण, रामनगर (रायपुर) और कुण्डा (कबीरधाम) के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया जाएगा।
मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा का विस्तार
मेडिकल कॉलेज दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं जशपुर के संचालन के लिए बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही नर्सिंग कॉलेज कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़ एवं महासमुंद के लिए भी राशि निर्धारित की गई है।
सरकार का दावा है कि इन प्रावधानों से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और चिकित्सा शिक्षा के स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।




















