रायपुर, 19 मार्च 2026।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश में पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए अलग से संचालनालय के गठन, नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के समग्र विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए निरंतर नए विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी आबादी निवास करती है, जिसमें लगभग 95 जातियां एवं उनके उपसमूह शामिल हैं। सरकार इन वर्गों के शैक्षणिक एवं सामाजिक-आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन वर्गों की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। इसी उद्देश्य से पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग, मंत्रालय का गठन किया गया है, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके। साथ ही इन वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए समग्र रूप से विचार कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग के विकास हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त लौहशिल्प विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड तथा तेलघानी विकास बोर्ड भी गठित किए गए हैं, ताकि विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े वर्गों को प्रोत्साहन मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा नवीन बजट में शैक्षणिक विकास को प्राथमिकता देते हुए छात्रावास, आश्रम एवं प्रयास आवासीय विद्यालय संस्थानों की स्थापना की गई है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के खातों में भुगतान किया जा रहा है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। भुगतान प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए आर्थिक सहायता योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे एवं बैंकिंग जैसी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु शैक्षणिक भ्रमण की भी व्यवस्था की गई है, जिससे वे राज्य की भौगोलिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से परिचित हो सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना” के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिन्हें छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है। वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 55 विभागीय छात्रावास स्वीकृत हैं। साथ ही नवीन बजट में रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, धमतरी, रायपुर एवं जशपुर जिलों में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं।
बैठक के दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद के सदस्यों ने भी विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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