कोरबा के बागों में मरम्मत, सन्ना में बिजली गुल , बच्चों की पढ़ाई रुकी, बुजुर्गों की दवा अधूरी ” सन्ना के पठारी इलाके में अंधेरा, सांप-बिच्छू का डर, जंगली जानवरों की घुसपैठ, दुकानदारों को नुकसान….

जशपुर बगीचा:- जशपुर जिले के सन्ना क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बिजली सप्लाई में भारी अनियमितता देखी जा रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कोरबा जिले के बागों में दो सर्किट पर मरम्मत का कार्य चल रहा है — और उसी के चलते जशपुर के सन्ना, बगीचा, सोनक्यारी, चंपा, कोपा, कवाई जैसे क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

इस दौरान, बिजली विभाग के कर्मचारी सुबह  से लेकर 12 बजे तक काम करते हैं, और उसके बाद ही बिजली सप्लाई चालू की जाती है वो भी सिर्फ आधे आधे घंटे , लेकिन यह स्थिति सिर्फ सन्ना तक ही सीमित नहीं है — अंबिकापुर से लेकर विश्रामपुर तक, और फिर हमारे क्षेत्र सन्ना, बगीचा, सोनक्यारी, चंपा, कोपा, कवाई तक सभी जगह बिजली की सप्लाई इसी तरह से हो रही है।

बिजली विभाग के अधिकारी कहते हैं — यह अस्थायी स्थिति है। लोड नॉर्मल होने तक ऐसा ही रहेगा। दो से तीन दिन और लगेंगे। लेकिन यहां स्थानीय लोगों का कहना है — यह अस्थायी नहीं, बल्कि उनकी ज़िंदगी को अस्थिर बना रहा है।

एक 12 वर्षीय छात्र ने बताया — “मैं रात को पढ़ता हूँ, लेकिन बिजली गुल हो जाती है। फिर 12 बजे आती है, तब तक मैं सो जाता हूँ। सर, मैं कैसे पढ़ूँ?”

एक दुकानदार ने कहा — “हमारा फ्रिज, एसी, LED — सब कुछ चलता है, लेकिन बिजली आती है तो सिर्फ 12 बजे के बाद हमारा नुकसान हो रहा है। बिजली का बिल पूरा देते हैं, लेकिन बिजली नहीं मिलती।”

एक बुजुर्ग महिला ने कहा — “मैं रात को दवाई खाती हूँ, लेकिन बिजली गुल हो जाती है। अंधेरे में कैसे खाऊँ? क्या ये लोड शेडिंग है या बिजली की चोरी?”

सन्ना के पठारी इलाके में अंधेरा — जान का खतरा

सन्ना, बगीचा, सोनक्यारी, चंपा, कोपा, कवाई — ये सभी पठारी इलाके हैं। यहाँ रात के अंधेरे में सांप-बिच्छू का खतरा बढ़ जाता है। कई लोगों ने बताया कि रात में बिजली गुल होने के बाद उनके घरों में सांप घुस आए। एक परिवार ने बताया — “हमारे बच्चे रात को अंधेरे में बाहर नहीं निकलते। डर लगता है।” एक बुजुर्ग ने कहा — “जंगली जानवर भी रात में आते हैं। बिजली गुल होने से वो बिना डर के घरों के पास आ जाते हैं।”

शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार — सब ठप

बच्चे रात में पढ़ नहीं पा रहे — परीक्षा के दिन नजदीक हैं।
– बुजुर्ग रात में दवाई नहीं खा पा रहे — स्वास्थ्य खतरे में।
– दुकानदारों का नुकसान हो रहा है — फ्रिज में रखा सामान खराब हो रहा है।
– छोटे व्यवसायी रात को बिजली न होने से ग्राहक नहीं आते।
– अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र — यहाँ भी बिजली गुल होने से उपकरण नहीं चल पाते।

भारतीय विद्युत अधिनियम के अनुसार, बिजली सप्लाई में अनियमितता होने पर उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति का अधिकार है। लेकिन यहाँ तो बिजली ही नहीं आ रही — फिर क्षतिपूर्ति कैसे होगी?

हमने बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया — उनका जवाब था — लोड बहुत ज्यादा है, इसलिए ऐसा हो रहा है। दो तीन दिनों में सुधार हो जाएगा ।

बिजली विभाग की ओर से जारी सूचना
उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है कि लोड सेटिंग में चलने के कारण सभी 11केवी फीडर को दिए गए समय के आधार पर चालू रखा जाएगा। यह नियम लोड नॉर्मल होने तक ही लागू रहेगा।

– सन्ना फीडर — 6:30 PM से 7:00 PM
– चंपा फीडर — 7:00 PM से 7:30 PM
– कवाई फीडर — 7:30 PM से 8:00 PM
– महुआ/कोपा फीडर — 8:00 PM से 8:30 PM
– सोनक्यारी फीडर — 8:30 PM से 9:00 PM

जब तक लोड सेटिंग नहीं सुधरेगा, तब तक प्रत्येक फीडर को 30-30 मिनट के लिए ही चालू रखा जाएगा।

अधिकारियों से अपील

जशपुर जिले के सन्ना क्षेत्र में बिजली की समस्या को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि यह स्थिति दो से तीन दिन में ठीक हो जाएगी।

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