धमतरी, 11 मार्च 2026। मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का संकल्प हो तो कठिन से कठिन परिस्थितियाँ भी रास्ता नहीं रोक पातीं। धमतरी जिले की सायरा बानो ने अपनी शारीरिक दिव्यांगता और आर्थिक तंगी के बावजूद आत्मनिर्भर बनकर इसका सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कुछ समय पहले तक सायरा बानो का जीवन आर्थिक संकटों से घिरा हुआ था। रोजगार के अभाव में दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी उनके लिए चुनौती बना हुआ था। लेकिन उन्होंने परिस्थितियों से हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया और रोजगार के लिए जिला प्रशासन से मदद की मांग की।
सायरा बानो की स्थिति और उनके दृढ़ संकल्प को देखते हुए प्रशासन ने उनकी सहायता की पहल की। उन्हें बड़ौदा आरसेटी धमतरी में ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने पूरी लगन से ई-रिक्शा चलाने की तकनीक सीखी। इसके साथ ही स्व-रोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं और पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद समाज कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से ‘सक्षम प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत सायरा बानो को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया।
आज सायरा बानो धमतरी शहर में आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 से 500 रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे अपनी जरूरतों को स्वयं पूरा कर पा रही हैं।
सायरा बानो की यह सफलता की कहानी न केवल दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति के लिए एक संदेश भी है कि यदि मन में साहस और दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी बाधा जीवन की राह में स्थायी रुकावट नहीं बन सकती।




















