आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान, इसे सहेजना हम सबका दायित्व: वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

जशपुरनगर, 26 दिसंबर 2025/ अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के 73वें स्थापना दिवस एवं  बाला साहब देशपांडे जयंती के अवसर पर आज कल्याण आश्रम विद्यालय परिसर में वार्षिकोत्सव और स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी एवं विशिष्ट अतिथि के तौर पर नागपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता श्री गजानन असोले तथा देवमंगल मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव श्री गोविंद नारायण सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगरपालिका जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्ण कुमार राय, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत सहित पार्षदगण श्री राजेश गुप्ता एवं श्री देवधन नायक तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।
      वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कल्याण आश्रम के संस्थापक  बाला साहब देशपांडे को नमन किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और उसे सम्मान दिलाने में बाला साहब देशपांडे का योगदान अविस्मरणीय है। आज पूरे देश में वनवासी कल्याण आश्रम जनजातीय समाज की संस्कृति, कला एवं जीवनशैली को संरक्षित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृतिपूजक रहा है, जो सदियों से वृक्षों, पर्वतों, नदियों, धरती माता एवं गौमाता की पूजा करता आ रहा है। यह प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। आज आदिवासी खान-पान और जैविक खेती को पूरी दुनिया अपना रही है। कोदो-कुटकी जैसे पौष्टिक अनाजों का महत्व वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है।
      श्री चौधरी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महानायकों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर आदिवासी समाज के योगदान को सम्मान दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। आज हमारी अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गई है। राममंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर एवं महाकाल लोक कॉरिडोर जैसे कार्यों से भारत की सांस्कृतिक विरासत पुनः सशक्त हुई है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराकर जनजातीय संस्कृति और महानायकों के योगदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
      इस अवसर पर वनवासी कल्याण आश्रम मध्य क्षेत्र के संगठन मंत्री श्री सुभाष बड़ोले एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री श्री योगेश बापट ने जनजातीय संस्कृति, कला एवं जीवनशैली के संरक्षण में आश्रम की भूमिका तथा बाला साहब देशपांडे के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं मलखंभ प्रदर्शन ने सभी का मन मोहा

इस अवसर पर  लोक कला संगम के अंतर्गत 150 से अधिक नर्तक दलों द्वारा प्रस्तुत जनजातीय लोकनृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग में शबनम बाई को प्रथम, संदीप को द्वितीय एवं ओंकार राम भगत को तृतीय पुरस्कार मिला। वहीं 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में श्री कैलाश चौहान को प्रथम, श्रीमती गुंजी भगत को द्वितीय तथा श्रीमती कमला बाई को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

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