जशक्राफ्ट को मिला राष्ट्रीय बाज़ार, एयरपोर्ट्स पर दिखेगी जशपुर की आदिवासी कला

जशपुर, 25 जनवरी 2026 — वन विभाग की अभिनव पहल से जशपुर जिले की जनजातीय महिलाओं की हस्तकला को राष्ट्रीय पहचान का नया मंच मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में रेयर प्लेनेट संस्था एवं जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों के मध्य जशक्राफ्ट ब्रांड के उत्पादों के विपणन हेतु अनुबंध (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस ऐतिहासिक समझौते के अंतर्गत जशपुर की महिलाओं द्वारा बांस, छिंद, मिट्टी एवं लकड़ी से निर्मित हस्तशिल्प, आभूषण एवं सजावटी उत्पाद अब देश के विभिन्न प्रमुख एयरपोर्ट्स पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय स्व-सहायता समूहों को स्थायी बाज़ार, उचित मूल्य और नियमित आय का सशक्त माध्यम प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि जशक्राफ्ट जैसे ब्रांड आदिवासी बहनों की पारंपरिक कला को देश-दुनिया तक पहुँचाने का माध्यम बनेंगे। यह पहल केवल आर्थिक सशक्तिकरण नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और स्वावलंबन की दिशा में एक ठोस कदम है।

कार्यक्रम के दौरान जशक्राफ्ट उत्पादों का अवलोकन किया गया, जहाँ उनकी उत्कृष्ट गुणवत्ता, रचनात्मकता एवं पारंपरिक सौंदर्य की सराहना की गई। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय का जशक्राफ्ट ब्रांड के पारंपरिक आभूषण पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।

यह पहल जशपुर जिले की वन आधारित आजीविका, महिला सशक्तिकरण एवं स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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