जशपुर: समृद्धि–एमकैड योजना से बगिया क्लस्टर के 13 गांव जुड़ेंगे आधुनिक सिंचाई सुविधा से ,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अध्ययन भ्रमण से लौटे किसानों से किया संवाद

जशपुरनगर 25 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समृद्धि–कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एमकैड) योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की मोहनपुरा एवं कुंडलिया वृहद सिंचाई परियोजनाओं का अध्ययन भ्रमण कर लौटे जशपुर जिले के किसानों के दल से आत्मीय संवाद कर उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री ने किसानों से पाँच दिवसीय अध्ययन यात्रा के दौरान देखी गई व्यवस्थाओं, तकनीकों और वहाँ के ग्रामीण जीवन से जुड़ी जानकारियाँ विस्तार से पूछा और चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि समृद्धि–एमकैड योजना के क्रियान्वयन से बगिया क्लस्टर के प्रत्येक गांव को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीक से खेतों तक पानी पहुँचेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में स्थायी सुधार आएगा। उन्होने कहा कि किसानों के अनुभव इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना जशपुर के लिए एक मॉडल सिंचाई परियोजना सिद्ध होगी।

*किसानों ने साझा किए अध्ययन भ्रमण के अनुभव* –
अध्ययन भ्रमण दल में शामिल ग्राम नरियरडांड की किसान नेहा गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मोहनपुरा–कुंडलिया परियोजना में ड्रिप लाइन और फव्वारा पद्धति से सिंचाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि वहाँ अधिकारियों ने जल प्रबंधन प्रणाली को विस्तार से समझाया और यह जानकारी दी कि किस प्रकार मोबाइल के माध्यम से पाइप लाइन को ऑन-ऑफ किया जाता है। नेहा गुप्ता ने कहा कि इसी प्रकार की सुविधा बगिया क्लस्टर के 13 गांवों में मिलने से आजीविका को बड़ा संबल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया। ग्राम बांसबहार के किसान शिवशंकर साय ने बताया कि अध्ययन भ्रमण के दौरान मोहनपुरा बांध और पाइपलाइन नेटवर्क का अवलोकन कराया गया। उन्होंने कहा कि कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा पूरे भ्रमण के दौरान मार्गदर्शन किया गया। वहाँ के ग्रामीणों द्वारा किया गया आदर-सत्कार और खेती की उन्नत पद्धतियाँ देखकर मन अत्यंत प्रसन्न हुआ। उन्होंने कहा कि पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन में भी आधुनिक सिंचाई तकनीक के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर फसल उत्पादन संभव है। शिवशंकर साय ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस योजना से सभी किसानों को समान रूप से लाभ मिलेगा। ग्राम चोंगरीबहार के किसान संजीवन कुमार राम ने बताया कि जिस क्षेत्र में पहले जमीन उपजाऊ नहीं होने के कारण खेती संभव नहीं थी, वहाँ अब आधुनिक सिंचाई व्यवस्था से खेती-बाड़ी हो रही है। इससे गांव में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और लोग आजीविका से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव देखकर बगिया क्लस्टर के लिए भी नई उम्मीद जगी है।

*मुख्यमंत्री का संदेश – किसान होंगे परियोजना के सहभागी* –
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य किसानों को केवल लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें परियोजना का सक्रिय सहभागी बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि भ्रमण से लौटे किसान अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा करेंगे, जिससे समृद्धि–एमकैड योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनेगा।

उल्लेखनीय है कि समृद्धि–एमकैड योजना के तहत बगिया क्लस्टर के 13 ग्रामों में मैनी नदी से दाबयुक्त पाइपलाइन सिंचाई प्रणाली के माध्यम से 4,831 हेक्टेयर क्षेत्र को खरीफ और रबी दोनों मौसमों में सुनिश्चित सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। परंपरागत नहर प्रणाली के स्थान पर पाइप आधारित नेटवर्क से जल की प्रत्येक बूंद का वैज्ञानिक और नियंत्रित उपयोग संभव होगा। इस प्रकार, किसानों के अनुभव और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन से बगिया क्लस्टर को प्रदेश का आदर्श और मॉडल सिंचाई क्षेत्र बनाने की दिशा में एक और सशक्त कदम आगे बढ़ चुका है।

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