जशपुरनगर, 10 अप्रैल 2026। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले में किसानों को सही समय पर उचित दर पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उप संचालक कृषि सहित मैदानी अमले द्वारा निजी खाद, बीज एवं दवा दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
खरीफ विपणन वर्ष 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुका है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में 26,675 मीट्रिक टन उर्वरक लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 11,306 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है, जबकि 149 मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया गया है।
निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि ने स्वयं 10 दुकानों का औचक निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इनमें उर्वरक दर का डिस्प्ले नहीं होना, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करना, किसानों को विक्रय रजिस्टर में दर्ज नहीं करना तथा खाद बिक्री की रसीद नहीं देना जैसी लापरवाहियां शामिल हैं।
इन अनियमितताओं को देखते हुए 10 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें अन्नपूर्णा खाद भंडारण (पत्थलगांव), श्री राम सेल्स (पत्थलगांव), ओमप्रकाश अग्रवाल (बगीचा), संजय अग्रवाल (बगीचा), नीशांत ट्रेड्स (कांसाबेल), विनायक एग्रो (कोतबा), न्यू आदर्श कृषि केन्द्र (कोतबा), बालाजी खाद भंडार (पत्थलगांव), राहुल कृषि केन्द्र (सन्ना) एवं जैन कृषि केन्द्र (सन्ना) शामिल हैं।
कृषि विभाग ने जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे शासकीय दर पर तथा फसल के रकबे के अनुसार ही उर्वरक का विक्रय करें। निर्देशों का उल्लंघन करने पर उर्वरक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण और एफआईआर दर्ज करना भी शामिल है।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक एवं अन्य कृषि आदान सामग्री खरीदते समय शासकीय दर पर ही खरीदी करें और रसीद अवश्य लें। जिले में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी, अधिक मूल्य वसूली एवं अमानक उर्वरकों की बिक्री रोकने के लिए 187 शासकीय एवं निजी दुकानों पर मैदानी अमले की निगरानी ड्यूटी भी तय की गई है।




















