जशपुर, 11 अप्रैल 2026। पुलिस कार्यालय जशपुर में आज डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में सभी राजपत्रित अधिकारी, लोक अभियोजन अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। इस दौरान डीआईजी ने अनुविभागवार लंबित अपराध, चालान, मर्ग और शिकायतों की विस्तार से समीक्षा करते हुए सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
डीआईजी ने कहा कि लंबित मामलों के निस्तारण के लिए अभियान चलाकर कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही, लंबित पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट को शीघ्र प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों के समन्वय से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाना आवश्यक है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में विलंब न हो।
बैठक में जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विपिन शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के तहत चेन ऑफ कस्टडी, जब्ती कार्यवाही, सैंपलिंग प्रक्रिया, मालखाना प्रबंधन और दोषमुक्ति के प्रमुख कारणों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब्त मादक पदार्थ की बरामदगी से लेकर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने तक प्रत्येक चरण में विधिसम्मत प्रक्रिया, दस्तावेजी साक्ष्य और अभिरक्षा की श्रृंखला (Chain of Custody) का सही पालन अनिवार्य है।
गांजा के सैंपल लेने की प्रक्रिया—जिसमें तौल, सीलिंग, लेबलिंग और पंचनामा शामिल है—के बारे में थाना मोहर्रिर और विवेचना अधिकारियों को विस्तार से बताया गया। साथ ही, मालखाने में जप्त माल जमा करते समय सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने तथा जप्ती रजिस्टर में सही प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि कई मामलों में विवेचना के दौरान स्वतंत्र गवाहों की अनुपस्थिति, जब्ती एवं सैंपलिंग में त्रुटियां, सील से संबंधित गलतियां, दस्तावेजों में समय और स्थान का स्पष्ट उल्लेख न होना, एफएसएल भेजने में देरी और केस डायरी में त्रुटियों के कारण आरोपी को न्यायालय में लाभ मिल जाता है। इस पर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई।
लोक अभियोजन अधिकारियों ने विवेचकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक एनडीपीएस प्रकरण में कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए, वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत किया जाए तथा दस्तावेजों का सही संधारण किया जाए, ताकि अभियोजन पक्ष मजबूत रहे और दोषियों को दंड सुनिश्चित हो सके।
डीआईजी एवं एसएसपी ने पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की। उन्होंने जिले में गौ-तस्करी, अवैध शराब, अवैध कारोबार, गांजा तस्करी, जुआ, सट्टा और नशीली दवाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, आम्र्स एक्ट और अन्य लघु अधिनियमों के मामलों में भी गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने निर्देशित किया कि अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तुरंत नाकाबंदी कर कानूनी कार्रवाई की जाए। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों, अंतरराज्यीय मार्गों और प्रमुख चेक-पोस्ट पर सघन चेकिंग की जाए तथा संदिग्ध वाहनों, एजेंटों और संबंधित व्यक्तियों पर निगरानी रखी जाए।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीआईजी ने निर्देश दिए कि मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया जाए, सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए तथा प्राप्त सूचनाओं की तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को बाधित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए थाना प्रभारियों को नियमित पेट्रोलिंग, नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई, तीन सवारी, ओवरस्पीड, बिना नंबर प्लेट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। मालवाहक वाहनों पर सवारी ढोने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।
डीआईजी एवं एसएसपी ने कहा कि हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार किया जाए और कोई भी व्यक्ति थाना या चौकी से निराश होकर न लौटे। शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। निगरानी बदमाशों की नियमित जांच और पेट्रोलिंग, पैदल मार्च और विजिबल पुलिसिंग पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एसडीओपी जशपुर श्री चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद कुमार मंडावी, एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती आषा तिर्की, उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश समरथ, उप पुलिस अधीक्षक श्री कुंजराम चैहान, डीपीओ श्री विपिन शर्मा, एडीपीओ श्री विवेक शर्मा, रक्षित निरीक्षक श्री अरमजीत खूंटे, रीडर श्री मुकेश कुमार झा सहित सभी थाना एवं चौकी प्रभारी तथा कार्यालयीन शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।




















