जशपुर, 16 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़-झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र कोन्डरा में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में जशपुर राजपरिवार के सदस्य विजय आदित्य सिंह जूदेव ने धर्मांतरण के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए समाज को संगठित होने का आह्वान किया। सकल हिंदू समाज और कोब्जा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।
मंच से संबोधित करते हुए जूदेव ने कहा कि भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन और धोखे में रखकर किए जा रहे धर्मांतरण को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे समाज और संस्कृति के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि सनातन परंपरा ही हमारी असली पहचान है, जिसकी रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और अपनी विरासत पर गर्व करने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने छत्तीसगढ़ के धर्म स्वतंत्रता कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि जबरन या लालच देकर कराया गया धर्मांतरण कानूनन अपराध है और इसके प्रति जागरूक रहना जरूरी है।
सम्मेलन में रामरेखा धाम के स्वामी अखंड दास जी महाराज और स्वामी प्रकाश प्रपन्नाचार्य जी महाराज का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। वहीं हिंदू जागरण मंच के डॉ. सुमन कुमार और वीरूगढ़ के राजा दुर्ग विजय सिंह देव की मौजूदगी में जूदेव के संबोधन को लोगों ने गंभीरता से सुना।
कार्यक्रम के अंत तक बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने सनातन धर्म की रक्षा और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ सम्मेलन में भागीदारी निभाई।




















