जशपुरनगर, 19 जून 2026। जिला अस्पताल जशपुर ने हाल ही में सामने आए बच्चा चोरी प्रकरण को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए अस्पताल प्रबंधन पर लगाए जा रहे लापरवाही और सीसीटीवी कैमरे बंद होने के आरोपों का खंडन किया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि घटना के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित अधिकांश सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से कार्यरत थे और आवश्यक फुटेज तत्काल पुलिस को उपलब्ध करा दी गई थी।
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि मातृ एवं शिशु अस्पताल तथा जिला अस्पताल परिसर में लगे अधिकांश कैमरे घटना के समय चालू अवस्था में थे। केवल कुछ कैमरे तकनीकी कारणों से अस्थायी रूप से प्रभावित थे, जबकि अस्पताल के प्रमुख स्थानों और परिसर की निगरानी करने वाले कैमरे पूरी तरह सक्रिय थे।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, 13 जून 2026 को हुई घटना के बाद मातृ एवं शिशु अस्पताल परिसर तथा ओपीडी क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की विस्तृत जांच की गई। जांच में संदिग्ध महिला सहित बच्चे के माता-पिता और परिजनों की गतिविधियों से संबंधित आवश्यक फुटेज उपलब्ध मिली। यह फुटेज घटना वाले दिन ही पुलिस प्रशासन को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए सौंप दी गई थी।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और संदिग्ध महिला की गिरफ्तारी के लिए इश्तहार भी जारी किया जा चुका है। वहीं अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सीसीटीवी निगरानी प्रणाली नियमित रूप से संचालित की जा रही है। तकनीकी रूप से प्रभावित कैमरों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य भी समय-समय पर किया जाता है।
प्रबंधन का कहना है कि घटना की जांच में अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सहयोग कर रहा है और उपलब्ध सभी आवश्यक जानकारी एवं साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।