जशपुर: बगीचा विकासखंड के दुर्गम वनांचल में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैलाश गुफा धाम में श्रावण मास के दौरान आस्था का विशाल जनसैलाब देखने को मिला। श्रावण के दूसरे सोमवार के अवसर पर कैलाश गुफा में संपूर्ण सरगुजा संभाग के साथ झारखंड, ओडिशा एवं दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांवरिए और श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही कैलाश गुफा की ओर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा।
भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कांवर लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा कैलाश गुफा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु
श्रावण मास में कैलाश गुफा की विशेष धार्मिक महत्ता को देखते हुए इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पड़ोसी राज्यों से यहां पहुंचे। झारखंड और ओडिशा के अलावा सरगुजा संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से कांवरियों की टोलियां कैलाश गुफा पहुंचीं। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए तो कई कांवर लेकर समूह में यहां पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को पवित्र जल अर्पित किया और रुद्राभिषेक कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर के आसपास पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा।
प्रशासन की चौक-चौबंद व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। एसडीएम श्री समीर बड़ा एवं एसडीओपी श्री कोशले के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थी। भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाए रखने और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
प्रशासनिक अमला लगातार क्षेत्र का निरीक्षण करता रहा, ताकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो। सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को भी प्राथमिकता दी गई।

मेला समिति ने भी गठित की निरीक्षण टीम
मेले की व्यवस्थाओं को लेकर मेला समिति द्वारा भी अपनी ओर से निरीक्षण समिति का गठन किया गया है। निरीक्षण समिति के सदस्य पूरे मेला क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही, मेला परिसर, दुकानों, पार्किंग, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है।
समिति के सदस्य आवश्यकता के अनुसार संबंधित व्यवस्था से जुड़े लोगों को तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं। प्रशासन और मेला समिति के बीच समन्वय से मेले की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
पंचायतों ने संभाली स्वच्छता की जिम्मेदारी
श्रावण मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण स्वच्छता को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत सारूढ़ाब, सोनगेरसा एवं गायबुड़ा द्वारा मेले के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
स्वच्छता दीदियों के माध्यम से मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई की जा रही है। श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े जाने वाले कचरे को एकत्रित करने के साथ सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग किया जा रहा है। लगातार सफाई होने के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद मेला परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन और समिति की व्यवस्था की हो रही सराहना
श्रावण सोमवार को उमड़ी भारी भीड़ के बीच प्रशासन, पुलिस, मेला समिति और ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयास से व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहीं। श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया।
एक ओर प्रशासन की चौक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था, दूसरी ओर मेला समिति की लगातार निगरानी और पंचायतों की स्वच्छता व्यवस्था के कारण कैलाश गुफा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जलाभिषेक और पूजा-अर्चना में सुविधा मिली।
कैलाश गुफा में श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाला यह मेला जशपुर ही नहीं, बल्कि पूरे सरगुजा संभाग और पड़ोसी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था का केंद्र बन चुका है। श्रावण सोमवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर कैलाश गुफा की धार्मिक आस्था और महत्व को प्रदर्शित किया।
